
अमृतसरः किसी भी जिले में चले जाएं। चौकों-चौराहों पर भीख मांगते बच्चे नजर आते ही है। क्या यह बच्चे उन्हीं मां-बाप के हैं जो उन्हें सुबह लाकर चौकों-चौराहों पर छोड़ देते हैं या फिर यह बच्चे मानव तस्करी से संबंधित हैं। बच्चों की तस्करी को रोकने के लिए पंजाब सरकार के सामाजिक सुरक्षा एवं महिला व बाल विकास विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘ऑपरेशन जीवनज्योत’ चलाया है।
इस अभियान के तहत संदिग्ध बच्चों और उनके अभिभावकों का डीएनए टैस्ट करवाया जाएगा। इसकी शुरुआत आज अमृतसर में हो गई है। अमृतसर प्रशासन और पुलिस द्वारा आज अमृतसर के गोल्डन गेट इलाके में घूम रहे कई भिखारियों और उनके बच्चों को हिरासत में लिया गया। अभियान के तहत विशेष रूप से उन भिखारियों को हिरासत में लिया गया है जो छोटे बच्चों को साथ लेकर भीख मांग रहे थे।
सामाजिक सुरक्षा एवं महिला व बाल विकास विभाग ने भीख के लिए लाए जाने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों का डीएनए टैस्ट करवाने का फैसला किया है। पंजाब सरकार द्वारा सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को ‘ऑपरेशन जीवनज्योत’ के तहत जिन बच्चों पर थोड़ा सा भी शक होता है उनके टैस्ट करवाने को कहा गया है।