18th BRICS Summit : आज से नई दिल्ली में शुरू

भारत की मेजबानी में आज से 18th BRICS Summit नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू होने जा रहा है। दो दिवसीय इस वैश्विक सम्मेलन में विकासशील और उभरती हुई अर्थव्यवस्था वाले 11 देश शामिल हो रहे हैं, जिसमें ब्राज़ील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, भारत, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्‍त अरब अमीरात शामिल हैं। इस दौरान, ब्रिक्स सदस्य देशों के नेता कई महत्‍वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जैसे वैश्विक शासन व्‍यवस्‍था, बहुपक्षवाद, व्यापार और निवेश, प्रौद्योगिकी, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य सेवा, आपदा से निपटने की क्षमता और ज़रूरी आपूर्ति श्रृंखला। ब्रिक्‍स सम्‍मेलन 2026 भारत की अध्यक्षता में हो रहा है। इसका थीम है – “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण।”
18th BRICS Summit में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फताह अस्‍सीसी, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन, इथियोपिया के प्रधानमंत्री आबी अहमद और अबू धाबी के युवराज शेख खालेद-बिन-मोहम्मद- बिन-ज़ायद अल नहयान भी सम्‍मेलन में हिस्सा लेंगे। ब्राज़ील का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री माउरु विएइरा कर रहे हैं , जबकि सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन-फरहान-अल-सऊद भी इसमें शामिल होंगे।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का मुख्य विषय
“लचीलेपन, इनोवेशन, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण”। यह विषय माननीय प्रधानमंत्री के उस विज़न को दर्शाता है जिसमें लोगों को केंद्र में रखा जाता है और जिसकी बुनियाद “मानवता सर्वोपरि” (Humanity First) की भावना पर टिकी है।
इस साल भारत की अध्यक्षता में, देश भर के 25 से ज़्यादा शहरों में 350 से अधिक बैठकें और उच्च-स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इनका उद्देश्य ब्रिक्स की रणनीतिक साझेदारी को तीन मुख्य स्तंभों—राजनीतिक और सुरक्षा, आर्थिक और वित्तीय, तथा सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान—के आधार पर और मज़बूत करना है। इन कार्यक्रमों और बिज़नेस-टू-बिज़नेस तथा लोगों के बीच आपसी संपर्क की पहलों के माध्यम से, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता ने व्यावहारिक और विकास-उन्मुख नतीजों के ज़रिए ब्रिक्स सहयोग को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है।

भारत ब्रिक्स का एक संस्थापक सदस्य है और इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में इसकी अध्यक्षता कर चुका है। भारत ने 1 जनवरी 2026 को चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली। वर्ष 2026 एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है क्योंकि इस साल ब्रिक्स अपनी स्थापना के बीस साल पूरे कर रहा है।

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