War on Drugs: डीजीपी गौरव यादव ने सीनियर पुलिस अधिकारियों के साथ की समीक्षा, अब तक 22,772 नशा तस्कर गिरफ्तार


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जालंधर/सोमनाथ कैंथ
महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी, फिल्लौर में आज डीजीपी पंजाब गौरव यादव की अध्यक्षता में सभी रेंज डीआईजी, एसएसपी और सीपी के साथ राज्य स्तरीय कानून और व्यवस्था बैठक आयोजित हुई।
बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर शुरू किए गए युद्ध नाशियां विरुद्ध अभियान के तहत नशीली दवाओं के कानून प्रवर्तन, राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति और आंतरिक सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा की गई।

इस दौरान विशेष डीजीपी कानून एवं व्यवस्था, विशेष डीजीपी इंटेलिजेंस, अतिरिक्त डीजीपी एएनटीएफ, अतिरिक्त डीजीपी एजीटीएफ और अतिरिक्त डीजीपी काउंटर इंटेलिजेंस ने मादक पदार्थों की तस्करी, पाक प्रायोजित आतंकवाद, संगठित अपराध और राज्य में कानून एवं व्यवस्था को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों के नवीनतम रुझानों के बारे में फील्ड अधिकारियों को संबोधित किया।

‘युद्ध नाशियां विरुद्ध’ अभियान के परिणाम साझा करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस ने 1 मार्च, 2025 से 14,281 एफआईआर दर्ज की हैं और 22,772 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है और 940 किलोग्राम हेरोइन, 337 किलोग्राम अफीम, 18 टन चूरा पोस्त, 14 किलोग्राम चरस, 325 किलोग्राम गांजा, 6 किलोग्राम आईस, 3.3 किलोग्राम कोकीन बरामद किया है। उनके कब्जे से 29.63 लाख नशीली गोलियां/टैबलेट और 11.84 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई। अभियान के दौरान, ड्रग तस्करों की अवैध रूप से निर्मित 162 संपत्तियों को कानून के अनुसार ध्वस्त कर दिया गया है।

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उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस ने 1 मार्च, 2025 से एनडीपीएस एक्ट के मामलों में 90 प्रतिशत सजा दर हासिल करके कानूनी मोर्चे पर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।

डीजीपी ने कहा कि नशों के खिलाफ चल रही निर्णायक लड़ाई के अलावा संगठित अपराध, गैंगस्टरों और पाक प्रायोजित आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई पंजाब पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और सभी प्रमुख मामलों में अपराधियों की पहचान कर ली गई है। उन्होंने कहा, “सभी प्रमुख संगठित अपराध और गैंगस्टर संबंधी मामलों का पता लगा लिया गया है और 100% आतंकवाद संबंधी मामले सुलझा लिए गए हैं।”

इस अवसर पर विशेष डीजीपी कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला, विशेष डीजीपी इंटेलिजेंस प्रवीण सिन्हा, एडीजीपी एएनटीएफ नीलाभ किशोर, एडीजीपी एजीटीएफ प्रमोद बान और एडीजीपी सीआई अमित प्रसाद ने फील्ड अधिकारियों को मादक पदार्थों की तस्करी, पाक प्रायोजित आतंकवाद, संगठित अपराध और राज्य में कानून एवं व्यवस्था को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों के बारे में संबोधित किया।

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