
जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम उन्होंने क्यों उठाया और उनके बाद अगला प्रधानमंत्री कौन होगा, तेजी के साथ घटनक्रम बदलने लगे हैं और उनकी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी में नेतृत्व की होड़ शुरू हो गई। इशिबा का कहना है कि उन पर लगातार चुनावों में हार की ज़िम्मेदारी लेने का दबाव था और पार्टी के अंदर विभाजन न हो, इसके चलते उन्होंने इस्तीफा देना उचित समझा।
बता दें कि जापान की संसद की कुल 465 सीटें हैं और अक्तूबर 2024 में हुए चुनाव में लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी(एलडीपी) का कोमेते के साथ गठबंधन था। चुनाव में एलडीपी-कोमेतो गठबंधन को 215 सीटें मिली थीं। दूसरी तरफ सीडीपी पार्टी को 148 सीटें मिली थीं। इसके चलते बारी समर्थन से एलडीपी-कोमेते गठबंधन सत्ता पर काबिज हो गई थी तथा सीडीपी मुख्य विपक्षी दल के रूप में काम कर रहा था।
इशिबा ने पिछले साल अक्टूबर में प्रधानमंत्री पद संभाला था। तब से वे इस्तीफे की मांगों का सामना कर रहे थे, लेकिन अब पार्टी के भीतर दबाव बढ़ने के कारण उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि उनका इस्तीफा जापान को राजनीतिक खालीपन में डाल सकता है, जबकि देश अमरीकी टैरिफ, बढ़ती महंगाई, चावल नीति सुधार और क्षेत्रीय तनाव जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है।
अब उनकी जगह लेने के लिए पांच चेहरे सामने आए हैं जो प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में शामिल हैं, वे हैं सना ताकाइची(पूर्व आर्थिक सुरक्षा राज्य मंत्री), तोशिमित्सु मोतेगी(एलडीपी के पूर्व महासचिव), शिंजीरो कोइजुमी(मौजूदा एग्रीकल्चर मिनिस्टर), योशिमासा हयाशी(मौजूदा कैबिनेट सचिव), कात्सुनोबू कातो(मौजूदा फाइनांस मिनिस्टक)।