‘आप’ उम्मीदवार संधू ने पेश किया मान सरकार का रिपोर्ट कार्ड


Aryan Academy AD

तरनतारन : तरनतारन विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू ने आज दावा किया कि यह चुनाव तरनतारन के भविष्य का फैसला करेगा। उन्होंने कहा कि यह चुनाव ‘आप’ सरकार की ‘काम की राजनीति’ और विरोधियों के ‘खोखले वादों’ के बीच सीधा मुकाबला है। संधू ने कहा कि तरनतारन के लोग अब जागरूक हो चुके हैं और वे सिर्फ जमीनी स्तर पर हुए विकास कार्यों को देखकर ही वोट डालेंगे।

प्रेस बयान जारी करते हुए हरमीत सिंह संधू ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने वह करके दिखाया है जो पिछली सरकारें सिर्फ बातें करती थीं। हमने जमीनी स्तर पर आम आदमी के जीवन को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है।”

हरमीत संधू ने ब्योरा देते हुए कहा कि जिले के 1 लाख 81 हजार 343 पीएच कार्ड धारकों और 5585 अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थियों तक राशन पहुंचाया गया है। पिछले तीन महीनों में ही 1 लाख 05 हजार 365 क्विंटल गेहूं का वितरण सुनिश्चित किया गया है, ताकि कोई गरीब भूखा न सोए।

Advertisement Space

किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए संधू ने कहा कि हमने किसानों को मंडियों में परेशान होने से बचाया है। गेहूं के सीजन के दौरान न सिर्फ फसल का समय पर उठान हुआ, बल्कि इतिहास में पहली बार किसानों को निर्धारित समय के भीतर उनकी मेहनत का पूरा भुगतान सीधे खातों में मिला। खरीद से लेकर भंडारण (स्टोरेज) तक का पूरा प्रबंध सुचारू ढंग से किया गया, जो पारंपरिक पार्टियां कभी नहीं कर सकीं।

उन्होंने सरकार की दूरदर्शिता के बारे में बताते हुए कहा, “हम सिर्फ आज की नहीं, बल्कि आने वाले कल की भी सोच रहे हैं। फसल विविधीकरण के तहत जिले में धान का रकबा घटाकर बासमती के तहत लाया गया है। पिछले साल के 52,000 हेक्टेयर के मुकाबले इस साल 72,000 हेक्टेयर रकबे पर बासमती की बिजाई, हमारी सरकार की किसान-हितैषी कृषि नीति की बड़ी सफलता है।”

हरमीत सिंह संधू ने तरनतारन के मतदाताओं से अपील करते हुए कहा, “ये सभी काम मुख्यमंत्री भगवंत मान जी के नेतृत्व में हुए विकास की एक झलक हैं। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि आपका वोट मुझे और ताकत देगा ताकि मैं सरकार के साथ मिलकर तरनतारन के विकास की गति को दोगुना कर सकूं। मुझे पूरा यकीन है कि लोग इस बार पारंपरिक पार्टियों को नकार कर ‘काम की राजनीति’ पर मुहर लगाएंगे।”

Advertisement Space

Leave a Comment