
चंडीगढ़: भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा, पंजाब के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी सरकार अनुसूचित जाति समुदाय के साथ नीति-इरादे, प्रशासनिक ढांचे और मापनीय परिणामों हर स्तर पर विफल रही है। कैंथ ने मांग की कि आगामी बजट सत्र के दौरान सरकार विभाग-वार अनुसूचित जाति श्रेणी के रिक्त पदों, पदोन्नति के लिए पात्र अधिकारियों की स्थिति तथा पिछले चार वर्षों में अनुसूचित जातियों के लिए वास्तव में क्या बदला है-इससे संबंधित संपूर्ण डेटा सार्वजनिक करे।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जातियों का प्रतिनिधित्व कोई इच्छाधीन योजना नहीं, बल्कि एक संवैधानिक अधिकार है। पंजाब, जहां देश में अनुसूचित जातियों की सबसे बड़ी आबादी है, वहां भी आम आदमी पार्टी सरकार के पास यह साबित करने के लिए कोई विश्वसनीय, परिणाम-आधारित डेटा नहीं है कि प्रतिनिधित्व, रोजगार या संस्थागत भागीदारी में कोई ठोस सुधार हुआ है।
कैंथ ने कहा, “डेटा के बिना नीतियां निरर्थक हैं और निगरानी के बिना प्रशासन केवल दिखावा बनकर रह जाता है। आम आदमी पार्टी सुधारों की बात तो करती है, लेकिन पारदर्शिता को संस्थागत रूप देने से इंकार करती है। न विभाग-वार अनुसूचित जाति प्रतिनिधित्व की कोई सार्वजनिक प्रणाली है, न ही रिक्त पदों या पदोन्नतियों की ट्रैकिंग। जब डेटा ही नहीं होगा, तो जवाबदेही भी नहीं होगी।” उन्होंने कहा कि हर वर्ष बजट घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन उनके परिणाम कभी सार्वजनिक नहीं किए जाते।