
अमृतसर: डीआईजी भुल्लर के बाद पंजाब पुलिस के पूर्व एआईजी रछपाल सिंह को 8 साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन पर एक व्यक्ति को झूठे ड्रग केस में फंसाने का आरोप है। जालंधर एसटीएफ की टीम ने पूर्व एआईजी को अमृतसर से हिरासत में लेकर अदालत में पेश करने के बाद 3 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है।
जानकारी के अनुसार साल 2017 में अमृतसर निवासी बलविंदर सिंह को एसटीएफ ने सिविल अस्पताल पट्टी से हिरासत में लिया था। एसटीएफ ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा था कि आरोपी भौर सिंह के खेत से 4 किलो 530 ग्राम हेरोइन, एक पिस्तौल, तीन मैगजीन और 56 कारतूस बरामद किए गए थे। पुलिस ने बलविंदर सिंह, मेजर सिंह और भौर सिंह के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल किए थे।
बलविंदर सिंह ने आरोप लगाया था कि उसे फर्जी केस में फंसाया गया है,जिसके बाद उसने उच्च न्यायालय में न्याय की गुहार लगाई। नवंबर 2019 में हाईकोर्ट ने डीजीपी प्रमोद को मामले की जांच सौंप दी। जांच के दौरान कॉल डिटेल्स, लोकेशन डेटा और सीसीटीवी फुटेज से पुलिस की कहानी पर संदेह गहरा गया। रिपोर्ट के अनुसार, घटनास्थल पर बलविंदर की मौजूदगी साबित नहीं हुई।
इसी आधार पर जनवरी 2021 में हाईकोर्ट ने केस की जांच सीबीआई को ट्रांसफर कर दी थी। जांच में यह सामने आया कि असल में गुरजंत सिंह उर्फ सोनू नामक व्यक्ति से एक किलो हेरोइन बरामद की गई थी, लेकिन पूरा मामला बलविंदर सिंह के सिर पर मढ़ दिया गया। गुरजंत सिंह को छोड़ दिया गया। पुलिस ने एक फर्जी कहानी तैयार कर बलविंदर को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों के पास ऐसे सबूत हैं जो यह साबित करते हैं कि फर्जी बरामदगी में उच्च पुलिस अधिकारियों की भूमिका रही है।