
- इस नीति का उद्देश्य लोगों को विकास में भागीदार बनाना है, न कि जबरन जमीन अधिग्रहण करना : जसतेज सिंह
- अदालत के आदेशों की समीक्षा के बाद अगली रणनीति तय की जाएगी : अतिरिक्त महाधिवक्ता
चंडीगढ़ : पंजाब सरकार ने आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लैंड पूलिंग नीति पर अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि यह नीति किसी भी प्रकार से भूमि अधिग्रहण के लिए नहीं है। यह पूरी तरह से एक स्वैच्छिक योजना है, जिसके तहत भूमि मालिकों को पंजाब के विकास में सीधे तौर पर भाग लेने का अवसर दिया गया है।
सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता जसतेज सिंह ने कहा कि सरकारी पक्ष ने बहस के दौरान अदालत को बताया कि कोई भी भूस्वामी (किसान), चाहे वह दो एकड़ का हो या चार एकड़ का, जो इस योजना में अपना योगदान देना चाहता है, उसका स्वागत है।
बदले में सरकार उन्हें विकसित भूखंड के लिए लेटर ऑफ इंटेंट जारी करेगी। सरकार का उद्देश्य किसी पर दबाव डालना नहीं, बल्कि लोगों की सहमति से क्षेत्र का सुनियोजित विकास करना है। यह कदम पंजाब के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए भूस्वामियों को साथ लेकर चलने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अतिरिक्त महाधिवक्ता ने बताया कि बहस के बाद अदालत ने स्थगन के संबंध में कुछ अंतरिम निर्देश दिए हैं, जिनका लिखित आदेश अभी अपलोड किया जाना बाकी है। आदेश की प्रति प्राप्त होते ही एजी कार्यालय की टीम इस पर गहन विचार-विमर्श करेगी। इसकी समीक्षा के बाद ही सरकार इस मामले में आगे की रणनीति और कार्रवाई पर अंतिम निर्णय लेगी।