शहीद आसा राम ने धर्ग, समाज व देश के लिए दिया अपना बलिदान, उनके बलिदान दिवस पर कल स्वामी गुरदीप गिर जी महारज करेंगे प्रवचन

जालंधर/सोमनाथ कैंथ

जिन लोगों ने शर्म,  समाज व देश के लिए अपने जीवन को समर्पित किया हो उन्हें लोग युगों-युगों तक याद करते हैं। ऐसे लोग कभी मरते नहीं, अपितु अमर हो जाते हैं। ऐसी प्रवृत्ति के मालिक थे स्व. शहीद आसा राम जी, जिन्होंने जहां कडा संघर्ष करते हुए अपने परिवार की पालना की व उन्हें योग्य बनाया, वहीं समाज, धर्म व देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी 48वीं पुष्यतिथि पर लोग उन्हें याद करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प ले रहे हैं।

सन् 1930 में पाकिस्तान स्थित गांव देवाबटाला जिला मरीपुर में मेला राम जी के घर में उनका जन्म हुआ। लगभग 20 वर्ष की आयु में उन्हें पाकिस्तान छोड़कर भारत आना पड़ा। यहां आकर उन्होंने स्पोर्ट्स का कारोबार शुरू किया तथा जब तक जीवित रहे तब तक स्पोर्ट्स इंडस्ट्री के प्रधान रहते हुए उक्त व्यापार में भी सममान प्राप्त किया।

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धार्मिक प्रवृत्ति के प्रभाव स्वरूप उन्होंने श्री गुरु रविदास मंदिर बस्ती गुजां में जमीन खरीद कर उक्त मंदिर का निर्माण शुरू किया।

गरीबों के निडर साथी व महान देश भक्त शहीद आसा राम जी एक अबला नारी की सहायता हेतु एक अवैध निर्माण कार्य को रोकने के लिए गए जहां विरोधियों द्वारा उन पर हमला कर दिया गया और उन्होंने 9 सितम्बर 1978 को अपने जीवन की आहुति दे दी। कल 9 सितम्बर को  उनके बलिदान दिवस पर श्री गुरु रविदास सभा(रजि.), बस्ती गुजां की ओर से श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर श्री श्री 108 स्वामी गुरदीप गिर जी महारज(पठानकोट वाले) प्रवचन करेंगे। प्रवचन उपरांत गुरु जी का अटूट लंगर बरताया जाएगा।

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