Sarvodya Fraud Case में गिरफ्तारी न होने पर कोर्ट की पुलिस को लताड़,पूछा गिरफ्तारी न करने के ठोस कारण बताए


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जालंधर: करोड़ों की धोखधड़ी केस में आरोपी सर्वोदय अस्पताल के डॉक्टर राजेश अग्रवाल, डॉ. कपिल गुप्ता, डॉ. संजय मित्तल, डॉ. अनवर खान और नोएडा के रहने सीए संदीप कुमार सिंह आदि को गिरफ्तार न करने पर माननीय अदालत ने सख्त रूख अपनाया है। कोर्ट ने पुलिस से पूछा है कि गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई? अगर पुलिस इन्हें गिरफ्तार नहीं करना चाहती तो इसके ठोस कारण बताए जाएं।

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी-8, जालंधर की अदालत ने पंकज त्रिवेदी बनाम राजेश अग्रवाल आदि मामले में गैर-जमानती अपराध में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर चिंता जताते हुए एडीसीपी सिटी-2 से स्पष्टीकरण तलब किया है। बहस के दौरान पुलिस ने कहा कि जांच के लिए एसआईटी बना दी गई है। इस पर कोर्ट ने पूछा कि फिर भी गिरफ्तारी न करने कि वजह बताई जाए।

याद रहे पंकज त्रिवेदी बनाम राजेश अग्रवाल आदि धोखाधड़ी केस में गैर जमानती केस में नामजद आरोपियों की मुश्किलें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। अदालत में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर धारा 75 Cr.P.C./79 BNSS के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी करने संबंधी अर्जी दायर की गई थी। मामले में एफआईआर नंबर 233 दिनांक 23.12.2025 की जांच से संबंधित रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। बताया गया कि इलाका मजिस्ट्रेट के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले की जांच एडीसीपी हरिंदर सिंह गिल के नेतृत्व में चल रही है।

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पिछली सुनवाई पर पुलिस ने अपना पक्ष रखा पर न्यायालय ने बीएनएसएस की धारा 175 के तहत सुपरवाइजरी अधिकारों का प्रयोग करते हुए एडीसीपी सिटी-2 से यह स्पष्ट करने के निर्देश दिए कि आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक क्यों नहीं की गई और यदि गिरफ्तारी आवश्यक नहीं समझी गई तो उसके ठोस कारण बताए जाएं। अदालत ने इस संबंध में 05 फरवरी 2026 तक अरेस्ट न करने के कारण बताने के आदेश दिए हैं।

पूरे मामले को समझना हो तो 23.12.2025 को नवी बारादरी थाना में पुलिस ने एफआईआर नंबर 233 दर्ज की है। इसमें डॉक्टर राजेश अग्रवाल, डॉ. कपिल गुप्ता, डॉ. संजय मित्तल, डॉ. अनवर खान और सीए संदीप कुमार सिंह निवासी नोएडा के खिलाफ IPC की धारा 420, 465, 467, 468, 471, 477-A और 120-B लगाई गई है। इन धाराओं के तहत ये गैर जमानती अपराध के आरोपी हैं। इसमें आरोपी डॉक्टरों पर अपने पार्टनर्स डॉक्टरों से करोड़ों की धोखाधड़ी करने और डॉक्यूमेंट में हेर फेर कर सर्वोदय अस्पताल को घाटे में दिखाने के संगीन आरोप लगे हैं। इसमें अभी तक गिरफ्तारी पेंडिंग है जिसके चले शिकायतकर्ता ने माननीय अदालत में दायर की थी।

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