जालंधर में अब तक 283969 मीट्रिक टन धान की खरीद, किसानों को 678 करोड़ रुपये का भुगतान सुनिश्चित


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जालंधर/सोमनाथ कैंथ
डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने आज जिले की मंडियों में चल रही धान की खरीद प्रक्रिया का जायजा लेते हुए अधिकारियों को खरीद सीजन को सुचारु और व्यवस्थित ढंग से पूरा करने पर जोर दिया।

जिला प्रशासकीय परिसर में जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, जिला मंडी बोर्ड और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को मंडियों में लगातार दौरा करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों और मजदूरों को मंडियों में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

डा. अग्रवाल ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करने के साथ-साथ पराली के उचित प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली को आग लगाने के बजाय आधुनिक कृषि मशीनरी का उपयोग करके इसका उचित प्रबंधन करें। उन्होंने कहा कि किसान कृषि मशीनरी के लिए कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि बीती शाम तक जिले की मंडियों में 2,86,370 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है, जिसमें से विभिन्न खरीद एजेंसियों द्वारा 2,83,969 मीट्रिक टन फसल की खरीद की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पनग्रेन द्वारा 92,858 मीट्रिक टन, मार्कफेड द्वारा 88,222 मीट्रिक टन, पनसप द्वारा 71,536 मीट्रिक टन, पंजाब स्टेट वेयरहाउस कॉरपोरेशन द्वारा 29,128 मीट्रिक टन, एफ.सी.आई. द्वारा 2,012 मीट्रिक टन और निजी व्यापारियों द्वारा 214 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है।

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उन्होंने आगे बताया कि खरीदे गए धान के लिए किसानों को अब तक 678 करोड़ रुपये का भुगतान भी सुनिश्चित किया जा चुका है।

पंजाब सरकार द्वारा किसानों की उपज का एक-एक दाना खरीदने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए डा. अग्रवाल ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा खरीद सीजन को सुचारू ढंग से पूरा करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए है और किसानों को मंडियों में कोई परेशानी नहीं होने दी जा रही है।

उन्होंने किसानों से मंडियों में सूखा धान लाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित नमी की मात्रा के अनुसार ही धान मंडियों में लाया जाए, ताकि फसल की बिक्री सुचारू ढंग से हो सके। उन्होंने कहा कि धान की कटाई के समय कंबाइन पर सुपर एस.एम.एस. का उपयोग अनिवार्य है और कंबाइन से धान की कटाई सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक ही करवाई जाए।

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