
बांग्लादेश की राजधानी ढाका के वेस्टिन होटल में 31 अगस्त को अमरीकी सेना की विशेष बल कमान(एयरबोर्न) के अधिकारी टेरेंस अर्वेल जैक्सन(Terence Orvel Jackson) की लाश मिली। इस रहस्यमय मौत के बाद दक्षिण एशिया में अटकलों का बाजार गर्मा गया। अब जैक्सन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश के साथ क्या संबंध है यह जानने से पहले यह जानना जरूरी है कि टेरेंस अर्वेल जैक्सन थे कौन। टेरेंस अर्वेल जैक्सन अमरीका की1st Special Forces Command (एयरबोर्न) के कमांड इंस्पेक्टर जनरल थे। 1st Special Forces Command (Airborne) or 1SFC, संयुक्त राज्य अमेरिका सेना विशेष अभियान कमान (USSOCOM) के अंतर्गत एक डिवीजन-स्तरीय संचालन बल इकाई है। 1SFC (A) का मिशन USSOCOM, भौगोलिक लड़ाकू कमांडरों, अमेरिकी राजदूतों और अन्य सरकारी एजेंसियों के समर्थन में पूर्ण-स्पेक्ट्रम विशेष अभियान चलाने के लिए बलों को संगठित, सुसज्जित, प्रशिक्षित और मान्य करना है।
बता दें कि बीते कल से सोशल मीडिया चैनलों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या का साजिश नाकाम होने के संबंध में खबरें पोस्ट हो रही हैं।
सोशल मीडिया पर पोस्ट हुई खबरों के मुताबिक ऑर्गनाइजर की रिपोर्ट में अमीरिकी सुरक्षा अधिकारी की मौत को लेकर आशंका जताई गई है कि क्या अमरीकी अधिकारी टेरेंस अर्वेल जैक्सन को भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने के इरादे से ढाका में तैनात किया गया था।
ऑर्गेनाइजर ने एक्सपर्ट्स के हवाले से अनुमान दिया है कि प्रधानमंत्री मोदी की हत्या की योजना और कोशिश हो सकती है। जिसे भारत और रूस की खुफिया इकाइयों के संयुक्त अभियान ने नाकाम कर दिया। रिपोर्ट में कई सुराग और घटनाओं को जोड़कर अनुमान लगाया जा रहा है कि जैक्सन, भारत और खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कोई गुप्त कार्रवाई या असाइनमेंट पर तैनात किया गया था, लेकिन उसका प्लान नाकाम हो गया।
जैक्सन की मौत उसी दिन हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में चीन के तियानजिन में थे। सम्मेलन के बाद, पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कार में 45 मिनट तक गुप्त बातचीत की थी।
इसी तरह एक्स पर एक पोस्ट में लिखा गया है कि क्या पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को बचाया…पढ़े एक्स पर डाली गई पोस्ट–
