
जालंधर/सोमनाथ कैंथ
पंजाब विधानसभा के 2027 के चुनावों को लेकर अभी 20 महीने का समय है मगर आम आदमी पार्टी की ओर से अभी से चुनावों की तैयारी शुरू कर दी गई है। आम आदमी पार्टी की ओर से जिन विधानसभा हलकों में पार्टी की स्थिति कमजोर है वहां पार्टी की स्थिति मजबूत करने के लिए गतिविधियां तेज की गई हैं। वार्ड स्तर से आगे बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए बैठकें शुरू कर दी गई है। जालंधर के नॉर्थ विधानसभा हलके की बात करें तो चुनाव के 20 महीने पहले ही आम आदमी पार्टी ने विधानसभा हलका इंचार्ज लगाकर नॉर्थ विधानसभा में चुनावी बिसात बिछा दी है। यह अलग बात है कि 2027 में विधानसभा चुनावों के दौरान टिकट किसे दी जाती है लेकिन पार्षद अश्वनी अग्रवाल को विधानसभा हलका इंचार्ज लगाकर काफी हद तक स्थिति मजबूत कर ली है।
कांग्रेसः चुनावी बिसात पर मोहरों की बात की जाए तो कांग्रेस पार्टी में अवतार हैनरी जूनियर विधानसभा हलके से मौजूदा विधायक हैं। अवतार हैनरी जूनियर को राजनीति विरासत में मिली है और वह 2022 का चुनाव जीतकर दूसरी बार एमएलए बन चुके हैं। विगत में 2023 में लोकसभा सीट जालंधर के उपचुनाव और 2024 में लोकसभा चुनावों के दौरान जालंधर के हलका नॉर्थ से कांग्रेस की स्थिति कमजोर हुई है। भाजपा इस सीट पर मार्जिन में रही थी। आज की तारीख में भाजपा नॉर्थ हलके में लीड को लेकर गदगद है मगर चुनाव और परिस्थितियां समयानुसार बदलती रहती हैं। कांग्रेस के पास अवतार हैनरी जूनियर ही बेहतर विकल्प हैं।
भाजपाः भाजपा की बात की जाए तो भाजपा इस सीट पर 3 बार चुनाव जीत चुकी है, जिनमें 2 बार केडी भंडारी चुनाव जीतकर विधानसभा जा चुके हैं मगर 2017 और 2022 का चुनाव वह हार गए थे। अपने विधानसभा हलके में सक्रिय तो हैं लेकिन सत्ता से बाहर हुए 8 वर्ष का समय बीत गया है। हालांकि केडी भंडारी के अलावा भाजपा के पास इस सीट से कोई बड़ा चेहरा नहीं है इसलिए भाजपा द्वारा केडी भंडारी को ही चुनाव में उतारा जाना संभव है।
बसपा-अकाली दलः बसपा-अकाली दल का 2022 के चुनावों में गठबंधन था और यह सीट बसपा के खाते में थी। इस सीट पर बसपा की सीट पर कुलदीप सिंह लुबाणा चुनाव लड़े थे। कुलदीप सिंह लुबाणा अकाली दल में रह चुके हैं और बसपा-अकाली दल में गठबंधन के चलते बसपा में चले गए थे, लेकिन यह चुनाव जीत नहीं सके थे।
आम आदमी पार्टीः वही आम आदमी पार्टी द्वारा 2022 में इस सीट पर लड़े गए चुनाव के दौरान आप की टिकट दिनेश ढल्ल को दी गई थी। मगर वह इस सीट को निकाल नहीं पाए थे। चुनाव से पूर्व इस सीट पर कई नेताओं ने नजर लगाए हुई थी, जिनमें कांग्रेस के ही कई मौजूदा और पूर्व पार्षद शामिल थे, लेकिन टिकट नहीं मिलने पर पलटी मार गए थे। इस सीट पर जोगिंदरपाल शर्मा द्वारा टिकट के लिए दावा किया जा रहा था लेकिन चुनाव से ऐन पहले टिकट दिनेश ढल्ल को दिए जाने से नाराज होकर जोगिंदरपाल शर्मा कांग्रेस में चले गए थे मगर बाद में वह आम आदमी पार्टी में लौट आए थे। तभी से वह सक्रियता के साथ पार्टी की गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।
अब 2027 के चुनावों को लेकर आम आदमी पार्टी की ओर से बिछाई गई बिसात में एक मोहरा पार्षद अश्वनी अग्रवाल भी हैं। अग्रवाल लोकसभा हलका जालंधर के इंचार्ज भी रह चुके हैं और वार्ड 80 से पार्षद हैं। दिनेश ढल्ल तो पार्टी के पास चेहरा है हीं उनके साथ-साथ पार्षद अश्वनी अग्रवाल को भी चुनावी चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वहीं नॉर्थ विधानसभा हलके की जनता भी नया विकल्प तलाश रही है।
सोशल इंजीनियरिंग में माहिर पार्षद अश्वनी अग्रवाल
पार्टी की जीत हार में सोशल इंजीनयरिंग की बड़ी भूमिका होती है और पार्षद अश्वनी अग्रवाल मिलनसार तो हैं ही साथ में सोशल इंजीनियरिंग में भी माहिर हैं। बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए गतिविधियां तेज कर दी है। यह गतिविधियां हलका प्रभारी दिनेश ढल्ल को साथ लेकर की जी रही हैं। दिनेश ढल्ल भी इस सीट पर सक्रियता के साथ जुटे हुए हैं।


