
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने Re NEET Exam को लेकर एक एक्स पर एक पोस्ट जारी करते हुए कहा है कि हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद कीजिए। वे एक संवेदनशील, ज़िम्मेदार और जवाबदेह एजुकेशन सिस्टम और एग्ज़ाम अथॉरिटी के हकदार हैं—और हम यह पक्का करेंगे कि उन्हें यह मिले।
उन्होंने कहा कि नागपुर के एक बच्चे ने NEET के दोबारा होने वाले एग्ज़ाम की तैयारी एक महीने से की थी। एग्ज़ाम से ठीक एक दिन पहले उसने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया। पता चला कि उसका सेंटर अबू धाबी में है। ना पासपोर्ट, ना परिवार के पास उसे विदेश भेजने के लिए पैसे, और अब समय भी नहीं बचा था। वह पूरी रात रोता रहा और अब एग्ज़ाम देने से मना कर रहा है—क्या आप सोच भी सकते हैं कि यह किस तरह का तनाव है?
आखिर ऐसा कैसे हो गया? कल किसी भी स्टूडेंट को सेंटर तक न पहुँच पाने की कोई शिकायत नहीं होनी चाहिए थी। NTA असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता के सब्र का इम्तिहान ले रहा है। जो सिस्टम किसी बच्चे को उसके अपने शहर में सेंटर नहीं दे सकता, बल्कि उसे विदेश भेज सकता है—उसे एग्ज़ाम कराने का कोई हक नहीं है।
राहुल गांधी ने कहा कि मैंने कोटा में भी यही बात कही थी—यह अब कोई एजुकेशन सिस्टम नहीं रह गया है। यह एक पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की लूट के अलावा और कुछ नहीं है।
स्टूडेंट्स को दिल से शुभकामनाएं
Re-NEET में बैठने वाले सभी स्टूडेंट्स को दिल से शुभकामनाएं देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पूरे कॉन्फिडेंस के साथ एग्जाम दें। चाहे कुछ भी हो जाए, मैं हमेशा आपके साथ हूं और आपकी सुरक्षा करता रहूंगा। सरकार से उम्मीद है कि इस बार NEET बिना किसी गड़बड़ी के होगा। स्टूडेंट्स पहले ही बहुत स्ट्रेस झेल चुके हैं – अब किसी बच्चे की उम्मीद नहीं टूटनी चाहिए।