
इंटरनेशनल:अमेरिकी सेना ने मंगलवार रात लगातार चौथे दिन ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कर ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी एक बार फिर शुरू कर दी है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए की जा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि हमले अभी रूकने वाले नहीं हैं। अगले सप्ताह ईरान के बिजलीघर और पुल भी निशाने पर होंगे। अगर समझौता नहीं किया, तो वहां कुछ नहीं बचेगा।
ट्रम्प ने साफ किया कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रहेगी, जब तक ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं हो जाता। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर जमीनी सैन्य अभियान शुरू किया जा सकता है, जिसमें सहयोगी देशों की मदद भी ली जाएगी।
वहीं ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो व्यापारिक जहाजों पर हमला किया। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हुए। जहाज पर कुल 20 भारतीय क्रू मेंबर मौजूद थे।
हमले के बाद भारत सरकार ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप प्रमुख को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत से जुड़े 11 जहाज और 148 भारतीय नाविक फिलहाल फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं।
ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर 20 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला वापस ले लिया। यह निर्णय मिडिल ईस्ट के नेताओं से बातचीत के बाद लिया गया।सुरक्षा संकट के बीच मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट से केवल चार जहाज गुजर सके, जो हाल के दिनों में सबसे कम समुद्री आवाजाही मानी जा रही है।