
जालंधर:अग्रवाल वेलफेयर बोर्ड पंजाब के चेयरमैन एवं वार्ड नंबर 80 के पार्षद अश्वनी अग्रवाल ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाने के लिए लागू किए गए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) ऑर्डिनेंस, 2026’ का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश के 32 लाख से अधिक विद्यार्थियों और उनके परिवारों के हित में लिया गया ऐतिहासिक निर्णय बताया।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से निजी स्कूल मनमाने ढंग से फीस बढ़ाकर अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डाल रहे थे। अब मान सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा सेवा का माध्यम है, व्यापार का नहीं। नए ऑर्डिनेंस के तहत कोई भी निजी स्कूल अब एक वर्ष में 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। यदि पिछले तीन वर्षों के दौरान 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई गई है तो अतिरिक्त वसूली गई राशि अभिभावकों को वापस करनी होगी।
श्री अग्रवाल ने बताया कि ट्रांसपोर्ट, बिल्डिंग और अन्य सभी प्रकार के शुल्कों को भी ट्यूशन फीस का हिस्सा माना जाएगा, ताकि अलग-अलग मदों के नाम पर अतिरिक्त वसूली की गुंजाइश समाप्त हो सके। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के विरुद्ध मान्यता रद्द करने सहित कड़ी कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया है।
अश्वनी अग्रवाल ने कहा कि यह ऑर्डिनेंस तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है। सभी निजी स्कूलों को अगले 10 दिनों के भीतर पिछले चार वर्षों में वसूली गई फीस का पूरा विवरण निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करना होगा। यदि किसी स्कूल द्वारा अतिरिक्त फीस वसूले जाने की पुष्टि होती है तो वह राशि अभिभावकों को वापस कराई जाएगी तथा संबंधित संस्थान के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला न केवल लाखों अभिभावकों को आर्थिक राहत देगा बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित करेगा।