चंडीगढ़ : कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने आज कहा कि Europe से किसी गैंगस्टर का यह पहला प्रत्यर्पण मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के गैंगस्टरवाद के खिलाफ सख्त रुख का प्रमाण है। बता दें कि विदेश में बैठे गैंगस्टर अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दलम को पंजाब पुलिस भारत वापस लाई। हत्या, हत्या का प्रयास और कई अन्य मामलों में भगौड़ा गैंगस्टर अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दलम फर्जी पासपोर्ट से भारत से भागा था, मोल्दोवा में पकड़ा गया
मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि पिछली अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों के दौरान गैंगस्टरवाद इस हद तक बढ़ गया था कि वर्ष 2021 के बजट सत्र में नेता खुले तौर पर इस बात पर बहस कर रहे थे कि जग्गू भगवानपुरिया ‘किसका आदमी’ है। इसके विपरीत ‘आप’ सरकार ने सीमाओं के पार जाकर ऐसे भगोड़ों का पीछा किया है और उन्हें कानून के कटघरे में लाना सुनिश्चित किया है।
‘आप’ पंजाब प्रधान ने कहा कि मान सरकार ने पंजाब से नशे और गैंगस्टरवाद के खात्मे के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है। सरकार ऐसे तत्वों को न तो पंजाब की धरती से और न ही विदेशों में बैठकर अपना अवैध कारोबार चलाने की अनुमति देगी। उन्होंने बताया कि 20 जनवरी 2026 को स्थापित किए गए ‘ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल’ (ओएफटीईसी) ने महज सात महीनों में 10 वांछित भगोड़ों को डिपोर्टेशन अथवा हवालगी के माध्यम से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है, जबकि 21 अन्य प्रत्यर्पण प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास लंबित हैं।
पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि सत्ता में आने के बाद से ही भगवंत मान सरकार ने नशे और गैंगस्टरों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा, “भगवंत मान सरकार के कार्यकाल के दौरान हमारा संकल्प रहा है कि पंजाब से नशे और गैंगस्टरों के खात्मे के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। हमारा मानना है कि ये वही तत्व हैं जिन्हें पिछली सरकारों ने बढ़ने-फूलने दिया, चाहे वह अकाली दल-भाजपा का एक दशक का शासन रहा हो या कांग्रेस का पांच वर्ष का कार्यकाल।”
अमृन अरोड़ा ने कहा कि पिछली सरकारों के शासन के दौरान स्थिति इस हद तक पहुंच गई थी कि पंजाब विधानसभा के भीतर भी गैंगस्टरवाद एक बड़ा मुद्दा बन गया था। उन्होंने कहा कि यदि वर्ष 2021 के बजट सत्र के विधानसभा रिकॉर्ड को देखा जाए, तो स्पष्ट होता है कि गैंगस्टरों के हौसले इतने बुलंद थे कि सदन के भीतर भी उनके संबंध में चर्चा हो रही थी।
2021 के बजट सत्र के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने राजनीतिक नेताओं के गैंगस्टरों के साथ कथित संबंधों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि एक तरफ सुखजिंदर सिंह रंधावा और दूसरी तरफ बिक्रम सिंह मजीठिया रिकॉर्ड पर यह बहस कर रहे थे कि “जग्गू भगवानपुरिया आपका प्रोडक्ट है” और “नहीं, यह गैंगस्टर आपका प्रोडक्ट है।” उन्होंने कहा कि इस तरह की बहस पंजाब विधानसभा के सदन के भीतर हो रही थी, जिसने पंजाब की राजनीति के पतन को उजागर किया।
कैबिनेट मंत्री ने उस घटना को भी याद किया जिसमें अपनी बेटी की रक्षा करते हुए एक पुलिस कर्मचारी ने अपनी जान गंवा दी थी। उन्होंने कहा कि वह भी एक ऐसा दौर था जब एक पुलिस कर्मचारी अपनी बेटी की इज्जत बचाने का प्रयास कर रहा था और उसके सीने में गोलियां मारी गई थीं। उन्होंने कहा कि पंजाब अब उन परिस्थितियों से बाहर निकल चुका है और आज लोगों का मनोबल तथा सरकार एवं पुलिस पर विश्वास पूरी तरह कायम है।
उन्होंने कहा कि जिस दिन से मौजूदा सरकार सत्ता में आई है, उसी दिन से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि ऐसे तत्वों को पंजाब की धरती पर अवैध गतिविधियां संचालित करने की अनुमति न मिले।