जालंधर : पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अध्यक्ष एवं विधायक Pargat Singh ने मानसा जिले के गांव भम्मे कलां के एक युवक की नशे की ओवरडोज से हुई मौत और इंसाफ की मांग कर रहे ग्रामीणों पर पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज को लेकर भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार में पंजाब पूरी तरह ‘पुलिस स्टेट’ में तब्दील हो चुका है, जहां नशा तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय आवाज उठाने वाले आम लोगों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं।
Pargat Singh ने कहा कि मानसा में पिछले कई दिनों से परमिंदर सिंह झोटा के समर्थन में शांतिपूर्ण मोर्चा चल रहा है। इसी बीच गांव भम्मे कलां के एक और युवक की नशे के कारण मौत की दर्दनाक खबर ने सरकार की नशे पर काबू पाने की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब दुखी परिवार और ग्रामीण मृतक युवक का शव लेकर धरनास्थल पर विरोध जताने जा रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोककर कथित तौर पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया, कई लोगों को हिरासत में लिया और परिवार से शव छीनने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि किसी दुखी परिवार से मृतक का शव छीनना और उसे अंतिम संस्कार के अधिकार से वंचित करना अमानवीय है तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष Pargat Singh ने कहा कि मुख्यमंत्री विधानसभा के भीतर ‘रंगले पंजाब’ के बड़े-बड़े दावे करके लोगों को गुमराह कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि पंजाब की जवानी नशे की दलदल में बर्बाद हो रही है और माताओं की गोद सूनी हो रही है। उन्होंने सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री को पीड़ित परिवारों की चीखें सुनाई नहीं देतीं? सरकार बड़े नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने से क्यों बच रही है?
Pargat Singh ने सरकार से जोरदार मांग की कि मानसा की घटना के दौरान ग्रामीणों और परिवार पर लाठीचार्ज करने के आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए और मामले की निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच करवाई जाए। हिरासत में लिए गए सभी निर्दोष प्रदर्शनकारियों को बिना शर्त तुरंत रिहा किया जाए तथा मृतक के परिवार को इंसाफ के साथ उचित मुआवजा दिया जाए।
Pargat Singh ने चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी पंजाब की जवानी को बर्बाद करने और पुलिस बल के जरिए लोगों की आवाज दबाने की नीति को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष किया जाएगा।