जालंधर,: भारतीय हॉकी के महान खिलाड़ी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सोमवार को ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में महान ओलंपियन सुरजीत सिंह की कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया गया।
पुरुष हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की पूर्व संध्या पर प्रतिमा का अनावरण पंजाब हॉकी के अध्यक्ष नितिन कोहली, डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया, पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह, ओलंपियन हरप्रीत सिंह मंडेर और बलजीत सिंह ढिल्लों, अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी जगदीप सिंह गिल तथा फिजिकल कॉलेज, पटियाला की प्रिंसिपल डॉ. हरमनप्रीत कौर ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर सभी ने महान खिलाड़ी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह प्रतिमा युवा और उभरते खिलाड़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेलों को एक प्रभावशाली ढाल बताते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की राज्य की पुरानी खेल विरासत को फिर से जीवंत करने की दूरदर्शी सोच पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ जैसी पहल और अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी राज्य सरकार की खेलों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पंजाब सरकार पहले ही इस स्टेडियम को महान ओलंपियन सुरजीत सिंह को समर्पित कर चुकी है। अब राज्य सरकार ने स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करके इसका नवीनीकरण करवाया है।
ओलंपियन सुरजीत सिंह का गौरवशाली योगदान
उल्लेखनीय है कि ओलंपियन सुरजीत सिंह रंधावा विश्व हॉकी के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक थे। उन्हें उनके असाधारण रक्षात्मक कौशल के लिए जाना जाता था। भारतीय राष्ट्रीय हॉकी टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल सुरजीत सिंह ने वर्ष 1976 में मॉन्ट्रियल ओलंपिक, दो विश्व कप तथा 1974 और 1978 के एशियाई खेलों में देश का प्रतिनिधित्व किया।
उनकी लोकप्रियता वर्ष 1975 में और बढ़ गई, जब उन्होंने कुआलालंपुर में भारत को ऐतिहासिक हॉकी विश्व कप जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित सुरजीत सिंह की विरासत भारतीय हॉकी को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।