
चंडीगढ़ : भारत के चीफ जस्टिस पर जूती फेंकने की कोशिश की कड़ी निंदा करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि यह घटिया हरकत भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता का परिणाम है।
राज्यसभा के लिए उम्मीदवार प्रमुख उद्योगपति रजिंदर गुप्ता द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करने के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा अपने नफरत भरे प्रचार के माध्यम से कमजोर और पिछड़े वर्ग के लोगों के हितों को लगातार ध्वस्त करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यह घटना उसी का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि यह देश की न्याय व्यवस्था और यहां तक कि देश की धार्मिक सद्भावना और सामाजिक भाईचारे के लिए भी गंभीर खतरा है।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि भारत के चीफ जस्टिस अपने पद पर कड़ी मेहनत और समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं और ऐसी घिनौनी हरकत वास्तव में निंदनीय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और किसी को भी राज्य की शांति और सद्भावना भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य होने के नाते कई विरोधी ताकतें राज्य की शांति, प्रगति, खुशहाली और आम कानून व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास करती रहती हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि ऐसी ताकतों को सफल नहीं होने दिया जाएगा और किसी भी आपराधिक कार्रवाई का उचित जवाब दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सक्षम है और किसी को भी कानून व्यवस्था भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि त्योहारों के दौरान वे सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से सभी पर्व मनाएं।
त्योहारों के सीजन में खाद्य सामग्री में मिलावट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इसकी जांच के लिए व्यापक अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही व्यापारियों से अपील की कि त्योहारों के दौरान बेची जाने वाली मिठाइयाँ और अन्य सामान मिलावट रहित और उच्च गुणवत्ता वाले हों।
उन्होंने तंदरुस्त स्वास्थ्य पर जोर देते हुए जैविक उत्पाद अपनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और कहा कि इन्हें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने पंजाब के नागरिकों से अपील की कि दीवाली के दौरान सावधानी बरतें और इसे सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल “ग्रीन दीवाली” के रूप में मनाएं। उन्होंने कहा कि पटाखों के कारण अक्सर आंखों पर प्रभाव पड़ता है, इसलिए लोग इस पवित्र पर्व को मनाते समय अधिक से अधिक सुरक्षा रखें। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और संजीव अरोड़ा, लोकसभा सदस्य गुरमीत सिंह मीत हेयर सहित अन्य उपस्थित थे।