यूके के शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री मान से की मुलाकात, पंजाब को किया जाएगा निवेश और विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित


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चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब और ब्रिटेन (यूके) के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की वकालत करते हुए कहा कि पंजाब को निवेश और विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

चंडीगढ़ में यू.के. हाई कमीशन की डिप्टी हाई कमिश्नर एल्बा समैरिग्लियो के नेतृत्व में आए उच्च-स्तरीय शिष्टमंडल के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने व्यापारिक भागीदारी को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया। दोनों पक्षों ने आपसी संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

भगवंत सिंह मान ने मोहाली को विश्व स्तर पर बेहतर ढंग से संगठित शहरों में से एक बताया और कहा कि विनिर्माण क्षेत्र में उभरने के लिए पंजाब में अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब के विद्यार्थी सुरक्षित और कानूनी तरीकों से यू.के. में अवसर तलाशने के इच्छुक हैं और इस दिशा में राज्य सरकार हर संभव सहयोग देगी।

मुख्यमंत्री ने गैंगस्टरों जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात करते हुए कहा कि ऐसे मामले सीमाओं से परे होते हैं और पंजाब सरकार न्यायिक प्रक्रियाओं तथा आवश्यक कानूनी सहायता में यू.के. के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है।

उन्होंने यू.के. की कंपनियों का स्वागत करते हुए पंजाब को निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया भर में बसे प्रवासी पंजाबी समुदाय ने अपनी क्षमता व प्रतिभा से विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने निवेश के प्रमुख क्षेत्रों—कृषि मशीनरी, खाद्य प्रसंस्करण, आई.टी. सहित अन्य सेक्टरों—की पहचान भी करवाई।

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मुख्यमंत्री ने शिष्टमंडल को बताया कि पंजाब का मजबूत निवेश इकोसिस्टम वाजिब बिजली दरें, विकसित सुविधाएँ और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। राज्य कारोबार सरलता से करने में पहले स्थान पर है तथा सिंगल विंडो सिस्टम पारदर्शी रूप से सेवाएँ उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से पंजाब राइट टू बिज़नेस एक्ट लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने शिष्टमंडल को मार्च माह में मोहाली में आयोजित होने वाले प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन (पी पी आई एस ) में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने पंजाब को “अवसरों की भूमि” बताते हुए कहा कि विश्व-प्रसिद्ध कंपनियाँ यहाँ अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहती हैं, जो राज्य की मजबूत कानून-व्यवस्था का प्रमाण है। उन्होंने यह भी कहा कि नज़दीकी भविष्य में मोहाली “दुनिया की अगली सिलिकॉन वैली” के रूप में उभरेगा, क्योंकि यहाँ निवेश की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोहाली में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा स्थित है और 100 किलोमीटर के दायरे में बड़ी संख्या में कुशल तथा प्रतिभाशाली कार्यबल उपलब्ध है, जो इसे निवेश के लिए उपयुक्त स्थान बनाता है। उन्होंने शिष्टमंडल से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करने और संभावनाओं का आकलन करने की अपील की, ताकि पंजाब के विकास को और गति दी जा सके।

इस दौरान यू.के. की डिप्टी हाई कमिश्नर ने प्रवासी पंजाबी समुदाय की क्षमता और उनके पास मौजूद विशाल निवेश संसाधनों की सराहना की।

मुख्य क्षेत्रों से संबंधित पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में मुख्यमंत्री ने पंजाब में निवेश के अनुकूल वातावरण की जानकारी दी और यू.के. के प्रतिनिधियों से पंजाब आकर अवसरों की संभावनाएँ देखने का अनुरोध किया। दोनों पक्षों ने व्यापार व वाणिज्य को बढ़ावा देने, आपसी विकास, प्रगति और समृद्धि के लिए सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।

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