पंजाब कांग्रेस में इस्तीफों की बाढ़ पर सुरेन्द्र चौधरी बोले-इस्तीफे नहीं कांग्रेस को मजबूत करने की जरूरत


Aryan Academy AD

जालंधर/सोमनाथ कैंथ

लुधियान वेस्ट सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस की हार के बाद कांग्रेसी उम्मीदवार भारत भूषणा आशू द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद प्रेदश कांग्रेस में इस्तीफों की बाढ़ आ गई है।

उल्लेखनीय है कि आज बुधवार की सुबह पंजाब के जालंधर कैंट विधानसभा हलके से कांग्रेसी विधायक व भारतीय हॉकी टीम के पूर्व खिलाड़ी परगट सिंह ने कांग्रेस के स्टेट यूनिट के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। वहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लोों उर्फ किक्की ढिल्लों ने भी उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।
ये इस्तीफे उन्होंने लुधियाना उपचुनाव में कांग्रेस की हार के बाद उम्मीदवार भारत भूषण आशू के हक में दिया है।

Advertisement Space

इन इस्तीफों को लेकर कांग्रेस के टकसाली नेता सुरेन्द्र चौधरी ने कहा है कि इस समय कांग्रेस को मजबूत करने की जरूरत है न कि इस्तीफे देकर कांग्रेस को कमजोर करने की। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेताओं को इस चुनाव में रह गई खामियों की समीक्षा करनी चाहिए और आने वाले 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों को देखते हुए ये कमिया दूर करनी चाहिएं।

उल्लेखनीय है कि लुधियाना वेस्ट की सीट पर सांसद संजीव अरोड़ा चुनाव में उतरे थे और उन्होंने 10637 वोटें ज्यादा लेकर यह चुनाव जीता है। उन्हें कुल 35179 वोटें पड़ी थीं, जबकि कांग्रेसी उम्मीदवार भारत भूषण आशू को इस चुनाव में 24542 वोट पड़े थे।

चुनाव में हार के बाद भारत भूषण आशू के हक में इस्तीफे और चुनाव से पहले आशू के प्रचार में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग सहित अन्य बड़े कांग्रेसी नेताओं के नहीं पहुंचने से कांग्रेस के अंदर चल रही अंतर्कलह खुलकर बाहर आ गई है। यही कारण है कि 2022 में  पंजाब में हुए विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस 18 सीटों पर सिमट कर रह गई थी।

Advertisement Space

Leave a Comment