
अग्रवाल ने कहा -1,350 करोड़ की खेल क्रांति-युवाओं को नशे से दूर करने का ठोस रोडमैप
जालंधरः अग्रवाल वेलफेयर बोर्ड पंजाब के चेयरमैन एवं वार्ड के पार्षद अश्वनी अग्रवाल ने पंजाब को नशा-मुक्त, स्वस्थ और सशक्त बनाने की दिशा में माननीय मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा लिए गए इस महत्वपूर्ण फैसले को पंजाब व जनहितैषी करार देते हुए कहा कि खेलों के ज़रिये युवाओं को सकारात्मक दिशा देना मान सरकार का दूरदर्शी एवं ऐतिहासिक कदम है।
पंजाब के भविष्य को सुरक्षित करने की मजबूत पहल
अश्वनी अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश भर में 1,350 करोड़ रुपये की लागत से 3,100 आधुनिक स्टेडियमों के निर्माण का कार्य जून 2026 तक पूरा करने के स्पष्ट निर्देश केवल इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का मामला नहीं, बल्कि पंजाब के भविष्य को सुरक्षित करने की मजबूत पहल भी है।
इन आधुनिक स्टेडियमों में क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेलों के लिए मानक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे ग्रामीण और शहरी युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का एक सशक्त मंच मिलेगा। साथ ही पंजाब का युवा अब राजनीति की खोखली बहसों नहीं, बल्कि खेल के मैदानों में अपना भविष्य गढ़ेगा और यही मान सरकार की सबसे बड़ी जीत है।
भाषणों से नहीं, खेल, शिक्षा और अवसर देकर ही नशे जैसा समस्या का समाधान
अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री मान ने युवाओं की नब्ज को पहचाना है। नशे जैसी गंभीर समस्या का समाधान भाषणों से नहीं, बल्कि खेल, शिक्षा और अवसर देकर ही संभव है। हर गांव और शहर में खेल सुविधाएं उपलब्ध कराकर सरकार युवाओं को मैदानों से जोड़ रही है, जिससे वे नशे से दूर रहकर अनुशासन और मेहनत की राह अपनाएं।
उन्होंने आगे कहा कि जून 2026 तक स्टेडियम निर्माण पूरा करने के स्पष्ट निर्देश सरकार की कार्यशैली और प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। आने वाले समय में यही खेल मैदान प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी देंगे और पंजाब की पहचान नशे से नहीं, खेल प्रतिभाओं से बनेगी। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर, सीएम भगवंत सिंह मान का खेल मॉडल पंजाब को नशे के अंधकार से बाहर निकालने की एक ठोस और दूरदर्शी पहल है।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा पंजाब
अग्रवाल ने कहा कि आज पंजाब एक ऐसे मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है जो सत्ता नहीं, सेवा को प्राथमिकतादे रहे हैं । मुख्यमंत्री मान का नेतृत्व पारदर्शिता, जनहित और तेज़ फैसलों का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने यह साबित किया है कि सही नीयत और मजबूत इच्छाशक्ति से पंजाब को नशा-मुक्त, स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।