
नई दिल्लीः ईरान इजराइल अमेरिका के युद्ध के बीच भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए अमेरिका की ओर से अस्थायी छूट मिल गई है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने 6 मार्च को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ऊर्जा एजेंडे के तहत यह अस्थायी फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण साझेदार है ।
ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई को स्थिर बनाए रखने के लिए यह छूट दी गई है। इस लाइसेंस के तहत भारत एक माह तक रूस से कच्चा तेल खरीद सकेगा जो 5 मार्च तक जहाजों में लोड हो चुका है। फिलहाल करीब 95 लाख बैरल रूसी कच्चा तेल टैंकरों में भरकर एशियाई समुद्री क्षेत्रों के आसपास वेटिंग मोड में मौजूद है, जिसे भारत रिसीव कर सकता है।
इसी बीच मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई है। इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ब्लॉक होने से ब्रेंट क्रूड की कीमत 84 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।