वैज्ञानिकों ने विकसित की नई जीन थेरेपी, बहरे भी सुन सकेंगे


Aryan Academy AD

वैज्ञानिकों ने विकसित की नई जीन थेरेपी, बहरे भी सुन सकेंगे

नई दिल्लीः जी हां, वैज्ञानिकों ने एक नई जीन थरेपी विकसित की है, जो जन्मजात बहरापन या सुनने की गंभीर समस्या से जूझ रहे बच्चों और व्यस्कों को लिए वरदान सिद्ध होगी। यह खोज स्वीडन और चीन के वैज्ञानिकों की एक टीम ने की है। इसका परीक्षण चीन में 10 मरीजों पर किया गया है, जोकि सफल रहा। इस संबंध में नेचर मेडिसिन जर्नल में अध्यय रिपोर्ट प्रकाशित हुई है।
इस अध्ययन में 1 साल के बच्चे से लेकर 24 साल तक के व्यस्कों को शामिल किया गया था। ये मरीज ओटीएफ जीन में म्यूटेशन के कारण बहरापन या सुनने की गंभीर समस्या से पीड़ित थे। उल्लेखनीय है कि यह म्यूटेन ओटोफेर्लिन प्रोटीन की कमी का कारण बनता है, जो कान में दिमाग की साउंड सिग्नल भेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जीन थेरेपी में कान के इंटरनल पार्ट में एक खास तरह से सिंथेटिक वायरल (एएवी) का इस्तेमाल करके ओटोएफ जीन का एक वर्किंग वर्जान पहुचाया गाया। यह एक ही इंजेक्शन के जरिया कोक्लिया के आधार पर मौजूद एक झिल्ली से दिया गया। यह खोज बहरेपन के जेनेटिक इलाज में एक बड़ा प्रयास है और यह बहरेपन के शिकार रोगियों का जीवन बदल सकती है।

Advertisement Space

 

Advertisement Space

Leave a Comment