
पटनाः बिहार का जिला पूर्णिया का गांव रानीपतरा टेटगामा में कुछ महीनों में एक के बाद एक बच्चे की मौत होने पर गांव वासियों ने गांव की ही एक महिला सीता देवी पर डायन होने का शक जताया। परिवार के साथ झगड़ा हुआ और सीता देवी के परिवार के पांच लोगों को गांव वासियों की भीड़ ने जिंदा जलाकर शव गायब कर दिए।
परिवार का लड़का सोनू कुमार उम्र करीब 16 डरकर भाग निकला और अपने ननिहाल भाग निकला। सुबह 5 बजे उसने पुलिस को सूचित किया तो मौके पर पुलिस ने पहुंचकर जाच की और पांचों लाशों को अपने कब्जे में लिया।
मृतकों में तीन महिलाएं मसोमात कातो(70), बाबूलाल उरांव(50), उसकी पत्नी सीता देवी(40), मनजीत कुमार(30) और उसकी पत्नी रानी देवी(25) शामिल हैं ।
बताया जाता है कि गांव के लोगों द्वारा सीता देवी को शक के आधार पर डायन कहकर प्रताड़ित किया जाता था और गांव के बच्चों की मौत पर इसका शक सीता देवी पर जताया गया। रविवार की शाम सीता देवी के साथ गांव के कुछ लोगों का झगड़ा हुआ और भीड़ ने सीता देवी का परिवार जिंदा जला डाला। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि बाकी की तलाश है।