
जालंधरः हाल ही में कर्नाटक के हासन जिले में 40 दिनों के भीतर 20 युवाओं की हार्टअटैक की बजे से मौत हो गई है। जिन युवकों की मौत हुई है उनकी उम्र मात्र 20 से 30 वर्ष के बीच है। इन मौतों के पीछे साइंटिफ कारण क्या हैं यह तो अभी जांच का विषय है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की एक्स पर की गई टिप्पणी अगर सच होती है तो इस आने वाले समय में बहुत ही गंभीर माना जाएगा। क्योंकि करोड़ों लोगों ने वेक्सीन के शॉट लिए हैं। फिलहाल साइंटिफ कारण क्या निकलते हैं इसके बाद ही कुछ कहना संभव होगा।
एक्स पर पोस्ट में क्या लिखा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने
कर्नांटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एक्स पर पोस्ट में लिखा है पिछले एक महीने में ही हासन जिले में बीस से अधिक लोगों की मौत दिल के दौरे से हुई है।
सरकार इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रही है। इन मौतों के कारणों का पता लगाने और समाधान खोजने के लिए जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज एंड रिसर्च के निदेशक डॉ. रविंद्रनाथ के नेतृत्व में विशेषज्ञों की एक समिति बनाई गई है और उन्हें 10 दिनों के भीतर एक अध्ययन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
इसी समिति को फरवरी में राज्य में युवाओं में अचानक होने वाली मौतों के कारणों और कोविड टीकों के कोई प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं या नहीं, इस पर गहन अध्ययन करने के आदेश दिए गए थे। इस संबंध में हृदय रोगियों की जांच और विश्लेषण की प्रक्रिया भी चल रही है। हम भी बच्चों, युवाओं और मासूम लोगों के जीवन को महत्व देते हैं, जिनके आगे पूरा जीवन है और हम उनके परिवारों की चिंताओं को साझा करते हैं।
मैं भाजपा नेताओं के कार्यों की निंदा करता हूं जो ऐसे मामलों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक लाभ के लिए कर रहे हैं। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि कोविड वैक्सीन को जल्दबाजी में मंजूरी देना और जनता को वितरित करना भी इन मौतों का एक कारण हो सकता है, क्योंकि हाल ही में दुनिया भर में कई अध्ययनों ने संकेत दिया है कि कोविड वैक्सीन दिल के दौरे की बढ़ती संख्या का एक कारण हो सकता है। इससे पहले कि भाजपा इस मामले पर हमारी आलोचना करे, उन्हें अपनी अंतरात्मा से पूछना चाहिए।
हम हासन जिले और पूरे राज्य में हो रही इन अचानक मौतों के पीछे के सही कारण का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इस लक्ष्य के साथ, हमने पहले ही सार्वजनिक स्वास्थ्य की निगरानी के लिए हृदय ज्योति और गृह आरोग्य जैसी योजनाओं को लागू किया है। डॉ. रवींद्रनाथ के मार्गदर्शन में विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
एक सरकार के रूप में, हम लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि सीने में दर्द या सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच के लिए जाएं। इन संकेतों को नजरअंदाज न करें।
आनुवंशिक कारण तो नहीं
जांच कर रही कमेटी के डॉक्टर इस तथ्य पर भी जांच कर रहे हैं कि लगातार हो रही मौतों के पीछे कुई आनुवंशिक कारण तो नहीं है जो दिल की मांसपेशियों को प्रभावित कर रहा हो। क्या कोविड-19 का इस अचानक बढ़ती मृत्यु दर से कोई संबंध है। क्या कोई पर्यावरणीय कारक या जीवनशैली से संबंधित मुद्धे हैं इन सभी सवालों के जवाब के बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
क्या कहा स्वास्थ्य मंत्रालय ने
वहीं भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्राल्य ने आईसीएमआर और एम्स की रिसर्च का हवाला देते हुए कहा है कि हार्ट अटैक का कोरोना की वेक्सीन से कोई लेना-देना नहीं है।
