
अमरीका और ईरान के बीच पूर्ण रूप से युद्ध खत्म करने, फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रहे प्रस्ताव दोनों देशों ने खारिज कर दिए हैं। न ट्रंप मान रहे हैं और न ईरान झुकने को तैयार है।
अमरीका का प्रस्ताव है कि ईरान कम से कम 12 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोके और उसके पास मौजूद एनरिच्ड यूरेनियम अमरीका को सैंपा जाए। दूसरी तरफ ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम और एनरिच्ड यूरेनियम अमरीका को सौंपने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है।
दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे के प्रस्ताव खारिज किए जाने से जानें दुनिया पर क्या असर होगा।
-अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें और बढ़ सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्रेंट क्रूड की कीमत 104.01 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है है।
-क्रूड ऑयल की कीमत में बढ़ौतरी से आने वाले समय में भारत में भी तेल की कीमतों में भारी वृद्धि देखने को मिल सकती है।
-भारत की अर्थ व्यवस्था पर गहरा असर होने की संभावना। अर्थ व्यवस्था तहस-नहस हो सकती है। सबसे बढ़ा असर आयात-निर्यात पर होने की संभावना है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेल के कम उपयोग की अपील की है।
-एयर फेयर बढ़ सकता है।
-सोमवार सुबह भारतीय शेयर बाजार खुलते ही धड़ाम हो गया। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा लुढ़ककर 76406.11 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स भी लुढ़ककर 23,915.90 के स्तर आ गया। ट्रंप द्वारा ईरान का प्रस्ताव सिरे से नकार दिए जाने के बाद भारतीय शेयर बाजार पर सीधा असर दिखाई दिया है।