नशे के कारण पंजाब के युवाओं का भविष्य खतरे में : परमजीत सिंह कैंथ


Aryan Academy AD

चंडीगढ़ : भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा पंजाब के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताज़ा रिपोर्ट में पंजाब को ड्रग ओवरडोज़ से होने वाली मौतों के मामलों में देश में दूसरे स्थान पर दिखाए जाने तथा पंजाब में बढ़ते नशे के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की गंभीर टिप्पणियों से यह सिद्ध हो गया है कि पंजाब में नशे के कारण युवाओं का भविष्य खतरे में है।
कैंथ ने कहा कि पंजाब सरकार लगातार नशे के खिलाफ बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है।

Advertisement Space

उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में 89 मौतों की तुलना में वर्ष 2024 में 106 लोगों की ड्रग ओवरडोज़ से मौत होना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य में नशा माफिया अब भी सक्रिय है और सरकार स्थिति पर नियंत्रण पाने में असफल रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की संख्या और ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों में देश में सबसे ऊपर होना अत्यंत चिंताजनक है। यह केवल कानून-व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि युवाओं, विशेषकर गरीब और दलित वर्ग के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है।
भाजपा नेता परमजीत सिंह कैंथ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह टिप्पणी कि “छोटे स्तर के नशा बेचने वालों को पकड़कर प्रचार किया जा रहा है, जबकि बड़े नशा तस्कर बच रहे हैं”, पंजाब के लोगों की लंबे समय से चली आ रही चिंता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी पंजाब सरकार की नशा विरोधी नीति की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है।
उन्होंने कहा कि कपूरथला की उस मां की दर्दनाक घटना, जिसने अपने पांचों बेटों को नशे के कारण खो दिया, पंजाब के सामाजिक ढांचे के लिए बड़ी चेतावनी है। यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पंजाब के हजारों परिवारों के दर्द का प्रतीक है।
कैंथ ने आरोप लगाया कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की कमजोर नीतियों और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण पंजाब का युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में जा रहा है। गांवों और शहरों में नशे का जाल लगातार फैल रहा है, जबकि पुनर्वास और रोकथाम के लिए प्रभावी ढांचा अब भी कमजोर है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “नशा मुक्त भारत” अभियान को मजबूती से आगे बढ़ाया जा रहा है, लेकिन भगवंत मान सरकार केंद्र की योजनाओं और एजेंसियों के साथ गंभीर समन्वय स्थापित करने में विफल रही है।
अनुसूचित जाति वर्ग के हितों की आवाज उठाने वाले परमजीत सिंह कैंथ ने मांग की कि राज्य सरकार नशा तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाए, सीमा पार तस्करी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए और युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, खेल तथा शिक्षा के अवसर बढ़ाए जाएं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के वे नेता जो नशा तस्करों के साथ मिलीभगत कर पंजाब के युवाओं का भविष्य खतरे में डाल रहे हैं, उन्हें भी सार्वजनिक रूप से बेनकाब किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बड़े नशा तस्करों, राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों और अंतरराज्यीय नेटवर्कों के खिलाफ केंद्रीय और राज्य एजेंसियों को संयुक्त कार्रवाई करनी चाहिए।
भाजपा नेता कैंथ ने कहा कि पंजाब को बचाने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति, सख्त प्रशासनिक कार्रवाई और सामाजिक जागरूकता — तीनों आवश्यक हैं। पंजाब की आने वाली पीढ़ियों को नशे से बचाने के लिए अब केवल बयानबाज़ी नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर परिणाम देने वाली कार्रवाई की आवश्यकता है।

Advertisement Space

Leave a Comment