पंजाब में लाखों राशन कार्ड धारकों को नहीं मिलेगा मुफ्त राशन, यह है कारण


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जालंधर/सोमनाथ कैंथ
केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत करोड़ों नागरिकों को मुफ्त राशन दिया जाता है। जिन लोगों के राशन कार्ड बने हैं उनके लिए सरकार की तरफ से ईकेवाईसी की अपील की गई है। इस संबंध में बार-बार अपील किए जाने के बावजूद पंजाब के 31 लाख से अधिक राशन कार्डधारक ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक ईकेवाईसी नहीं करवाया है।

योग्य लाभार्थियों को बिना किसी रुकावट के मुफ़्त राशन (गेहूं) मिलते रहने को यकीनी बनाने के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को जल्द से जल्द मुकम्मल करने की महत्ता पर ज़ोर देते हुये ख़ाद्य, सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामले के मंत्री लाल चंद कटारुचक्क ने आज जिला खाद्य सप्लाई कंट्रोलरों ( डीऐफऐससीज़) को अपने- अपने अधिकार क्षेत्रों में इस प्रक्रिया को जंगी स्तर पर पूरा करने के सख़्त निर्देश जारी किये हैं।

डीऐफऐससीज़ के साथ वीडियो कॉन्फरंसिंग के द्वारा समीक्षा मीटिंग के दौरान कैबिनेट मंत्री को अवगत करवाया गया कि राज्य के कुल 1.57 करोड़ लाभार्थियों में से 1.25 करोड़ लाभर्थियों (1,25, 55, 621) के लिए ई- केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस प्रक्रिया को मुकम्मल करने की आखिरी तारीख़ 30 जून, 2025 थी परन्तु लक्ष्य की तरफ तेज़ी से आगे बढ़ने के बावजूद अभी भी कई लाभार्थियों की ई-केवाईसी बाकी है।

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लापरवाही बरतने वाले डिपो होल्डरों के रद्द होंगे डिपो
इसका सख़्त नोटिस लेते हुये कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भारत सरकार से इस प्रक्रिया के लिए आखिरी तारीख़ 31 अगस्त, 2025 तक बढ़ाने के लिए हरसंभव यत्न किये जा रहे हैं। उन्होंने डीएफऐससी को ई-केवाईसी विधि को तेज़ी से पूरा करने के लिये, बुरी कारगुज़ारी वाले डीपू होलडरों की पहचान करने और ऐसे डीपू होलडरों को सख़्त चेतावनी देने के लिए कहा है कि यदि इस सम्बन्ध में कोई भी लापरवाही पाई जाती है तो उनके डीपू रद्द किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि जुलाई- अगस्त-सितम्बर सर्किल में यह प्रक्रिया पूरी तरह मुकम्मल की जाये।

डीऐफऐससी को इस पहल को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश देते हुये कटारुचक्क ने कहा कि इस दौरान यह ध्यान में रखा जाए कि कोई भी योग्य लाभार्थी लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया की आगामी समीक्षा 1 हफ़्ते बाद की जाएगी और बुरी-कारगुज़ारी वाले वालों के साथ नरमी नहीं बरती जायेगी।

ज़िक्रयोग्य है कि ई-केवाईसी एक डिजिटल विधि है जो लाभार्थियों की पहचान और उसके पते की पुष्टि के लिए मुख्य तौर पर आधार कार्ड नंबर और प्रमाणिकता के लिए बायोमैट्रिकस का प्रयोग करती है। उन्होंने बताया कि योग्य लाभार्थियों को गेहूँ का वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली ( पीडीऐस) के अधीन 2 श्रेणियों में किया जाता है। अंत्योदय अन्न योजना (एएवाइ) के अधीन प्रति परिवार और हर महीने 35 किलो गेहूँ दिया जाता है जबकि राष्ट्रीय ख़ाद्य सुरक्षा एक्ट ( ऐनऐफऐसए), 2013 के अधीन प्राथमिकता वाले परिवार (पीपीऐच) श्रेणी के अंतर्गत प्रति व्यक्ति हर महीने 5 किलो गेहूँ मुफ़्त दिया जाता है।

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