
समराला/लिबड़ा (लुधियाना): पिछली सरकारों की लोगों से दूरी बनाए रखने की सोच के विपरीत, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज गांवों के लोगों के साथ पेड़ों की छांव में बैठकर बातचीत की और ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए उनके महत्वपूर्ण सुझाव लिए, साथ ही उन्हें अपनी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी दी।
लोगों के साथ ये मुलाकातें सभी सरकारी प्रोटोकॉल से हटकर आत्मीयता की भावना से भरी थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों के बीच जाकर उनसे बातचीत की और सरकार के कामकाज के बारे में उनकी राय ली। लोगों ने भी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ खुलकर बात की और अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री और लोगों के बीच बातचीत के इन पलों में दोस्ती और सद्भावना चरम पर दिखाई दी, क्योंकि मुख्यमंत्री ने राज्य के राजनीतिक, सामाजिक और अन्य मुद्दों पर लोगों के साथ भावनात्मक तालमेल बनाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने पद संभाला था, तब सिंचाई के लिए नहरी पानी का केवल 21 प्रतिशत उपयोग हो रहा था, लेकिन अब यह आंकड़ा बढ़कर 63 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के ठोस प्रयासों के कारण पहली बार नहरों और नदियों का पानी राज्य के टेलों पर बसे गांवों तक पहुंचा है। भगवंत सिंह मान ने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने पंजाब के जल संसाधनों को अन्य राज्यों की ओर मोड़ने के प्रयासों को पूरी तरह विफल कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने किसानों को बताया कि अक्टूबर में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण किसानों को धान की फसल बेचने में होने वाली परेशानियों से बचाने के लिए राज्य सरकार ने धान की बुआई का सीजन 1 जून से शुरू करने की अनुमति दी थी। राज्य में उचित योजना और प्रबंधन के साथ धान की फसल की जोन-स्तर पर खेती को सुनिश्चित किया गया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस बुआई विधि को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्य को जोनों में बांटा गया और चरणबद्ध तरीके से धान की बुआई की तारीखों की जल्द से जल्द घोषणा की गई, ताकि किसान इसका लाभ उठा सकें।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने पंजाब में धान की बुआई की तारीखें पहले करने के साथ-साथ केंद्र सरकार से धान की खरीद 15 दिन पहले शुरू करने की अपील भी की है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय खाद्य मंत्री को फोन कर अनुरोध किया है कि अब धान की खरीद 15 सितंबर से शुरू की जाए, ताकि राज्य के किसान अपनी फसल को सुचारू और परेशानी-मुक्त तरीके से बेच सकें। उन्होंने कहा कि इससे किसान मंडियों में नमी-मुक्त अनाज ला सकेंगे, जिससे फसल की सुचारू खरीद सुनिश्चित हो सकेगी।
मुख्य मंत्री ने कहा कि वह युवाओं को रोजगार देकर उनके हाथों में सिरिंज और अन्य नशों की जगह टिफिन देना चाहते हैं, ताकि वे नशों के दलदल से दूर रह सकें। उन्होंने कहा कि खाली दिमाग शैतान का घर होता है, इसलिए राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रही है कि अधिक से अधिक युवाओं को नौकरियां मिलें, ताकि वे सामाजिक बुराइयों का शिकार न हों। भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेरोजगारी कई सामाजिक समस्याओं की जड़ है, इसलिए राज्य सरकार इस बीमारी को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है और अब तक लगभग 55,000 युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं।