
जालंधर : पंजाब सरकार द्वारा स्थानीय गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत के 350वें वर्ष को समर्पित समागमों की श्रृंखला के तहत मंगलवार शाम को शानदार लाइट एंड साउंड शो करवाया गया, जिसमें 15 हजार से अधिक संगत ने शिरकत की।
पंजाब सरकार द्वारा यह समागम श्री गुरु तेग बहादुर जी, जिन्होंने मानवता और धर्म की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया, के जीवन, शिक्षाओं और अनुपम शहादत के सम्मान में बड़े स्तर पर आयोजित समागमों के हिस्से के तौर पर करवाया गया।
लाइट एंड साउंड शो के दौरान ‘हिंद दी चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और दर्शन को डिजिटल प्रस्तुति के माध्यम से बड़े सुंदर ढंग से दर्शाया गया। इससे पहले ढाडी जत्थे दीदार सिंह संगतपुरा (फगवाड़ा) द्वारा वार का गायन किया गया।
इस मौके पर पंजाब सरकार की ओर से पंजाब के बागवानी, स्वतंत्रता सेनानी और रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत तथा पंजाब के पर्यटन और सांस्कृतिक मामले विभाग के सलाहकार दीपक बाली विशेष तौर पर पहुंचे। डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल और पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर भी इस मौके पर मौजूद थे।
कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने लोगों से श्री गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाओं से प्रेरणा लेने की अपील की, जो 350 साल बाद भी समूची मानवता के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की अनुपम शहादत किसी एक धर्म या समुदाय के लिए नहीं, बल्कि समूची मानवता के मौलिक अधिकारों और सम्मान के लिए थी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और अनुपम शहादत पर आधारित लाइट एंड साउंड शो करवाए जा रहे हैं, जिनकी शुरुआत आज जालंधर, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और पठानकोट जिलों से हो गई है। इन समागमों की श्रृंखला के तहत देश के विभिन्न हिस्सों से चार नगर कीर्तन भी सजाए जा रहे हैं।
एक नगर कीर्तन 19 नवंबर को गुरुद्वारा छठी पातशाही श्रीनगर (जम्मू और कश्मीर) से सजाया जाएगा तथा शेष तीन नगर कीर्तन फरीदकोट, बठिंडा और गुरदासपुर से सजाए जाएंगे। चारों नगर कीर्तन 22 नवंबर की शाम को श्री आनंदपुर साहिब में पहुंचेंगे, जहां 23 से 25 नवंबर तक 350वें शहीदी पर्व को समर्पित समागम करवाए जाएंगे। उन्होंने संगतों से इन समागमों में बढ़-चढ़कर शिरकत करने की अपील की।
पंजाब के पर्यटन और सांस्कृतिक मामले विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने कहा कि पंजाब सरकार यह यकीनी बना रही है कि गुरु साहिब जी के दर्शन और अनुपम शहादत के बारे में पंजाब और देश के हर कोने तक जानकारी पहुंचे तथा आने वाली पीढ़ियां इस महान कुर्बानी से प्रेरणा और सीख ले सकें।
उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक से लाइट एंड साउंड शो की प्रस्तुति लोगों विशेषकर युवाओं को गुरू साहिब के शांति, सहिष्णुता और विश्वव्यापी भाईचारे को मजबूत करने के दर्शन से परिचित करवाने के साथ-साथ अपनी समृद्ध विरासत से जोड़ेगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा एक अनोखी पहल करते हुए हर जिले में पहुंचने पर नगर कीर्तन को शानदार ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पवित्र नगरी श्री आनंदपुर साहिब में 23 से 25 नवंबर तक 350वें शहीदी पर्व को समर्पित समागम करवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि समागमों की शुरुआत 23 नवंबर को अखंड पाठ साहिब के साथ होगी, जिसके बाद सर्व धर्म सम्मेलन, विरासत-ए-खालसा में एक प्रदर्शनी, शाम 5 बजे श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के जीवन और कुर्बानी को दर्शाता अपनी तरह का पहला ड्रोन शो तथा शाम 6 बजे कीर्तन दरबार होगा। दिन की समाप्ति “शहादत दी लो” के साथ होगी, जिसके तहत मशालें जला कर पवित्र शहर को रोशन किया जाएगा। 24 नवंबर को नगर कीर्तन ‘सीस भेंट’ श्री कीरतपुर साहिब से आरंभ हो कर श्री आनंदपुर साहिब आएगा। पंजाब विधान सभा द्वारा इतिहास में पहली बार श्री आनंदपुर साहिब में भाई जैता जी की यादगार पर विशेष सत्र करवाया जाएगा। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक चलने वाले इस सेशन में नौवें गुरू साहिब को श्रद्धांजलि भेंट की जाएगी। 25 नवंबर को श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद प्रसिद्ध कीर्तनी जत्थों द्वारा 9वें पातशाह की बाणी का रसभिन्न कीर्तन किया जाएगा।
संगत से इन समागमों में बढ़-चढ़कर शिरकत करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि शहीदी समागमों को पूरी मर्यादा और सुचारू ढंग से पूरा किया जाएगा।
इस मौके पर मेयर विनीत धीर, चेयरमैन पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक पवन कुमार टीनू, आप नेता राजविंदर कौर थियाड़ा, हलका विधायक करतारपुर बलकार सिंह की धर्म पत्नी हरप्रीत कौर तथा बड़ी संख्या में युवा, विद्यार्थी और संगत पहुंची हुई थी।
