
नई दिल्ली:दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडिगों द्वारा उड़ानें रद्द किए जाने से प्रभावित यात्रियों को सहायता और भुगतान राशि वापस दिलाने के लिए एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से सवाल किया कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हुई।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने सवाल किया कि ऐसी संकटपूर्ण स्थिति में अन्य विमानन कंपनियां हालात का फायदा उठाकर यात्रियों से टिकटों के लिए भारी कीमत क्यों वसूली गई।
वहीं केंद्र और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की ओर से पेश वकील ने कहा कि यह संकट कई दिशानिर्देशों के अनुपालन न करने के कारण पैदा हुआ, जिनमें चालक दल के सदस्यों के उड़ान की ड्यूटी के घंटों से संबंधित नियम भी शामिल हैं। वकील ने बताया कि कानूनी प्रावधान पूरी तरह लागू हैं ।
इंडिगो को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है,जिसने इसके लिए माफी मांगी है। दूसरी तरफ इंडिगों ने बुधवार को बेंगलुरु हवाई अड्डे से 60 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं जबकि विमानन कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पीटर एल्बर्स ने एक दिन पहले दावा किया था कि कंपनी का परिचालन फिर से पटरी पर आ गया है।