बिक्रम सिंह मजीठिया की गिरफ्तारी, 540 करोड़ की ड्रग मनी के मिले सुराग


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  • विजीलैंस ब्यूरो की जांच में बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा बड़े स्तर पर ड्रग मनी लॉन्डरिंग का खुलासा
  • मजीठिया की कंपनियों के बैंक खातों में 161 करोड़ रुपए कैश जमा होने के मिले रिकार्ड
  • संदिग्ध विदेशी संस्थाओं के द्वारा 141 करोड़ रुपए के लेन-देन के सबूत मिले

चंडीगढ़/सोमनाथ कैंथ

पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान का आज सुनहरा दिन है। जिन लोगों ने पंजाब के युवाओं को नशे के दलदल में धकेला उनका हिसाब होना शुरू हो गया है।

कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा जैसे दलों ने पंजाब का भविष्य कहे जाने वाले नौजवानों को नशे की दलदल में धकेल कर अरबों रुपये का काला कारोबार किया और अपने महल खड़े कर लिए, मगर अब हालात बदल चुके हैं। जब से पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार सत्ता में आई है, तब से ही भगवंत मान के निर्देशों के तहत पंजाब को पूरी तरह नशामुक्त करने का अडिग संकल्प लिया गया है और नशे के खिलाफ ऐतिहासिक सख्त कार्रवाई की जा रही है।
इसी कड़ी में नशा तस्कर बिक्रम सिंह मजीठिया को कानून के शिकंजे में लिया गया है। हैरानी की बात यह है कि जब बिक्रम मजीठिया जैसे नशा तस्कर की गिरफ्तारी हुई तो कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा जैसे दल पंजाब में नशे से तबाह हुए परिवारों का साथ देने की बजाय, नशा तस्कर के बचाव में अपनी आवाजें उठा रहे हैं। अगर यह दल सचमुच पंजाब हितैषी होते तो आज वे नशे के खिलाफ जंग में आम आदमी पार्टी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होते!

पंजाब अब बदल रहा है, पंजाब अब नशे के खिलाफ सीधी जंग लड़ रहा है! यह जंग तब तक जारी रहेगी जब तक राज्य पूरी तरह नशामुक्त होकर अपने नौजवानों और परिवारों को एक सुरक्षित, उज्ज्वल भविष्य नहीं दे देता। यह आम आदमी पार्टी का पंजाब के लिए अडिग और अटल संकल्प है।

पुलिस थाना पंजाब स्टेट क्राइम में साल 2021 में दर्ज एफआईआर नंबर 02 की जांच कर रही विशेष जांच टीम ( एसआईटी) और विजीलैंस ब्यूरो द्वारा की गई जांच में बिक्रम सिंह मजीठिया की तरफ से ड्रग मनी की बड़े स्तर पर लॉन्डरिंग का खुलासा हुआ है। प्राथमिक जांच से पता लगा है कि इस केस में 540 करोड़ रुपए से अधिक की ड्रग मनी का कई अवैध तरीकों के साथ लेन-देन किया गया, जिस में बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ लगे आरोप बेहद गंभीर और चौंकाने वाले हैं।

बिक्रम सिंह मजीठिया के कंट्रोल वाली कंपनियों के बैंक खातों में जमा 161 करोड़ रुपए नकदी, संदिग्ध विदेशी संस्थाओं के द्वारा 141 करोड़ रुपए का लेन-देन, कंपनी के वित्तीय विवरणों (स्टेटमैंटों) में बिना किसी जानकारी/ स्पष्टीकरण के 236 करोड़ रुपए की अधिक जमा राशि और बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा आय के किसी जायज़ स्रोत से बिना चल/अचल जायदाद की प्राप्ति शामिल है।

विजीलैंस ब्यूरो ने पुलिस थाना पंजाब स्टेट क्राइम ऐसएऐस नगर में ऐनडीपीऐस एक्ट 1985 की धारा 25, 27- ए और 29 के अंतर्गत दर्ज एफआईआर नंबर 02 तारीख़ 20- 12- 2021 की जांच कर रही विशेष जांच टीम ( ऐसआईटी) की रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज किया है, जिसमें बिक्रम सिंह मजीठिया की तरफ से बड़े स्तर पर ड्रग मनी की लॉन्डरिंग को दर्शाते ठोस सबूत मिले हैं।

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इस केस में विजीलैंस ब्यूरो की तरफ से हर तरह के लेन-देन की जांच की जा रही है और एस. आई. टी. द्वारा की गई जांच से स्पष्ट तौर पर पता चलता है कि यह फंड बिक्रम सिंह मजीठिया के कंट्रोल वाली सराया इंडस्ट्रीज के खाते में जमा की गई ड्रग मनी से सम्बन्धित हैं।

अब तक ग़ैर- कानूनी ढंग के साथ 540 करोड़ रुपए की ड्रग मनी की लॉन्डरिंग बारे पता चला है, जिसको बिक्रम सिंह मजीठिया की तरफ से तत्कालीन पंजाब सरकार में एक विधायक के तौर पर और पूर्व कैबिनेट मंत्री के पद के प्रभाव और गलत ढंग के साथ प्रयोग के ज़रिये जमा किया गया था।

बिक्रम सिंह मजीठिया और उनकी पत्नी गिनीव कौर के नाम पर चल/ अचल जायदादों में काफ़ी विस्तार हुआ है जिसके लिए आमदन का कोई जायज़ स्रोत पेश नहीं किया गया।

एसआईटी की तरफ से 22 व्यक्तियों के ठिकानों और विजीलैंस ब्यूरो की तरफ से 3 स्थानों पर तलाशी और बरामदगी की कार्यवाहियां की गई जिसमें 30 से अधिक मोबाइल फ़ोन, 5 लैपटाप, 3 आईपैड, 2 डेस्कटॉप, कई डायरियाँ, संपत्ति के कई दस्तावेज़ और सराया इंडस्ट्रीज से सम्बन्धित कई दस्तावेज़ मिले हैं।

बिक्रम सिंह मजीठिया को विजीलैंस ब्यूरो की तरफ से कानून अनुसार उचित प्रक्रिया की पालना के अंतर्गत गिरफ़्तार किया गया है।

इस केस की जांच जारी है, जिसमें और गिरफ़्तारियां, तलाशियां और बरामदगियां होने की संभावना है। प्रवक्ता ने आगे कहा कि जांच को तार्किक निष्कर्ष पर लेजाने और न्यायिक फ़ैसले हेतु सभी इकठ्ठा किये सबूतों को सम्बन्धित अदालत के समक्ष रखा जायेगा और उचित प्रक्रिया की पालना की जायेगी।

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