
दक्षिण-पूर्वी इंग्लैंड में 18 वर्षीय यूनिवर्सिटी स्टूडेंट की हत्या के मामले में अदालत ने 23 वर्षीय ब्रिटिश सिख युवक को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सुजा सुनीई है। आरोपी विक्रम दिगवा ने दावा किया था कि उसने धार्मिक कारणों से अपने पास रखी किरपाण का इस्तेमाल अपनी आत्मरक्षा में किया था। घटना के समय दिगवा ने उसके साथ नस्लीय दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था।
बता दें कि हेनरी नोवाक ब्रिटिश-पोलिश यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट था, जिसकी 3 दिसंबर 2025 को इंग्लैंड के साउथेम्प्टन में हत्या कर दी गई थी। आरोपी ने नोवाक पर पांच बार वार किए।
28 मई 2026 को जूरी ने दिगवा को हत्या का दोषी पाया । दिगवा की मां, 53 वर्षीय किरण कौर को अपराधी की सहायता करने का दोषी पाया गया। न्यायाधीश ने दिगवा के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि नोवाक ने उसके साथ शारीरिक या नस्लीय दुर्व्यवहार किया था। दिगवा को उम्रकैद की सजा सुनाई गई, जिसमें न्यूनतम 21 वर्ष का कारावास अनिवार्य है।