
बुधवार की सुबह Nepal के रसुवा जिले में भारी तबाही लेकर आई। नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के साथ लगते रसुवा तथा अन्य जिलों में भोटे कोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ से कई मौत हो गई तथा सैकड़ों लोग लापता हो गए। लापता लोगों में एक सौ से अधिक भारतीय के लापता होने की भी खबरें सामने आ रही हैं। एक दर्जन के करीब चालू एवं निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। Nepal में आई इस बाढ़ को देखते हुए बिहार में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
बाढ़ आने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ, लेकिन तिब्बत की ओर भारी बारिश, हिमस्खलन या ग्लेशियर से जुड़ी घटना की आशंका जताई जा रही है।
बागमती प्रांत पुलिस कार्यालय के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं प्रवक्ता के अनुसार, नुवाकोट जिले की बिदुर नगरपालिका से चार लोगों के शव बरामद किए गए हैं।
Nepal के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा में नदी किनारे रहने वाले लोगों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक बुलाई गई है तथा नेपाल सेना, पुलिस बल और नेपाल पुलिस कर्मचारियों को प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्यों के लिए तैनात किया गया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में खोज एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है।
बता दें कि भोटे कोशी नदी में पिछले साल भी बाढ़ आई थी, जिससे रसुवा में भारी तबाही हुई थी। उस घटना में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई थी।
Nepal में विभिन्न नदियां मिलकर सप्तकोशी नदी बनाती है और यह नदी नेपाल के हनुमानगर-कोसी बैराज क्षेत्र से होते हुए बिहार में प्रवेश करती है। बिहार में इस कोसी नदी कहा जाता है तथा बिहार की गंडक नदी और उससे जुड़ी अन्य नदियों में इसका प्रभाव होने की आशंका है।
नेपाल में आई इस प्रलय और बिहार में बाढ़ के खतरे को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बात कर केंद्र की तरफ से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल को इस भीषण बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए भारत की ओर से हरसंभव मानवीय सहायता पहुंचाने का भरोसा दोते हुए भारतीय वायु सेना को बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए तैयर रहने को कहा है।