Donkey route case/सोमनाथ कैंथ
जालंधर स्थित ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने डंकी रूट मामले में पंजाब के अमृतसर, संगरूर, पटियाला, मोगा तथा हरियाणा के अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल जिलों में raid की। यह raid मंगलवार को को शुरू हुई थी
ये raid फरवरी 2025 में अमरीका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों से जुड़े डंकी रूट मामले में मनी लांड्रिंग की जांच के तहत की गई।
ईडी ने एजेंटों से 30 पासपोर्ट बरामद किए हैं। जांच में करोड़ों रुपए की नकदी और हवाला के जरिए लेन-देन का खुलासा हो सकता है। इन छापों के दौरान ईडी ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज, रिकॉर्ड और डिजिटल डिवाइस बरामद किए हैं।
ईडी ने पंजाब पुलिस और हरियाणा पुलिस द्वारा बीएनएस 2023 (पूर्ववर्ती आईपीसी 1860) और आव्रजन अधिनियम,
1983 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज विभिन्न एफआईआर के आधार पर जाँच शुरू की।
जांच के दौरान यह पता चला कि जो लोग अमरीका जाने के इच्छुक थे, उन्हें ट्रैवल एजेंटों और बिचौलियों ने कानूनी माध्यमों से भेजने के झूठे वादे करके ठगा था।
हालाँकि, उन्हें डोंकर्स [मानव तस्करी के माध्यम] और माफिया की मदद से खतरनाक रास्तों से अवैध रूप से विभिन्न देशों की सीमाओं को पार करके ‘गधा मार्ग’ के माध्यम से अमरीका भेजा गया था। इसके अलावा, एजेंट, डोंकर्स और माफिया के साथ मिलीभगत करके, लोगों के लिए खतरनाक परिस्थितियां पैदा करते थे ताकि उनके परिवार के सदस्यों से और अधिक पैसे वसूले जा सकें।
तलाशी के दौरान, ‘डंकी रूट’ के माध्यम से लोगों को भेजने में शामिल एक एजेंट के घर से 30 पासपोर्ट मिले। विश्वसनीय साक्ष्य मिले हैं जिनसे पता चलता है कि एजेंटों ने संभावित ग्राहकों को ठगकर कई करोड़ रुपये का नकद/हवाला लेनदेन किया है। साथ ही, तलाशी के दौरान कई एजेंटों और इमीग्रेशन एजेंसियों के नाम भी सामने आए हैं जो बड़े पैमाने पर अवैध रूप से डंकी रूट पर कारोबार कर रहे हैं। आगे की जाँच जारी है।