
नाभा : भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा पंजाब के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ और हरमीत सिंह द्वारा गांव चट्ठे, तहसील नाभा, जिला पटियाला में अनुसूचित जाति परिवारों के साथ हो रहे कथित सामाजिक बहिष्कार, शामलाट भूमि के अधिकारों से वंचित रखने तथा पंचायत भूमि पर अवैध कब्जों के मामले को जोर-शोर से उठाए जाने पर मामले की गंभीरता से लेते हुए डिप्टी कमिश्नर पटियाला ने जांच-पड़ताल के लिए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ और हरमीत सिंह ने कहा कि यह कदम पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में एक सकारात्मक शुरुआत है। गांव चट्ठे के दलित परिवार लंबे समय से अपने कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं तथा उनके साथ हो रहे कथित भेदभाव और सामाजिक बहिष्कार की निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।
कैंथ ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) द्वारा मामले की तथ्यों पर आधारित और समयबद्ध जांच की जाएगी तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों और अधिकारियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने दोहराया कि अनुसूचित जातियों को शामलाट भूमि में आरक्षित हिस्से का कानूनी अधिकार प्राप्त है और किसी भी परिवार का सामाजिक या आर्थिक बहिष्कार भारतीय संविधान तथा एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की भावना के विपरीत है।
परमजीत सिंह कैंथ ने डिप्टी कमिश्नर पटियाला का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रशासन को अब इस मामले में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवारों के अधिकार सुनिश्चित किए जा सकें और गांव में सामाजिक सद्भाव तथा कानून का शासन कायम रहे।
उन्होंने कहा कि भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा इस मामले की निगरानी करता रहेगा और अनुसूचित जाति समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव लोकतांत्रिक और कानूनी प्रयास जारी रखेगा।