
नई दिल्ली: पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के ‘चलो संसद’ मार्च में करीब 10 हजार प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे हैं । दिल्ली पुलिस ने इस मार्च की अनुमति नहीं दी है। सुबह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी, जिसके बाद कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बनी। हालांकि पुलिस ने हालात पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
वहीं कॉकरोच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और किसी भी कीमत पर इसे बदनाम नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से लोग लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे है। किसी भी तरह की हिंसा या कानून व्यवस्था बिगाड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है।
उधर, 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने के लिए तीन अहम शर्तें रखी हैं। उन्होंने मांग की है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था की खामियों और पेपर लीक मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे। दूसरी शर्त के तहत कॉकरोच पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को संसद तक जाने की अनुमति दी जाए। सांसद इस मुद्दे को संसद में उठाने का भरोसा दें। तीसरी शर्त में कहा गया है कि यदि स्वास्थ्य कारणों से वह संसद नहीं जा सकते, तो विभिन्न दलों के सांसद सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर यही आश्वासन दें।
इस बीच सीजीपी के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि सरकार बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से संपर्क किया गया है।संगठन बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से कोई अंतिम जवाब नहीं मिला है।