
बाबा बकाला : बाबा बकाला साहिब में आज Rakkhar Punnia के पवित्र अवसर पर CM Bhagwant Singh Mann ने ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत 5.30 लाख और महिलाओं के खातों में तीन महीनों की ‘सम्मान राशि’ के रूप में 181.50 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर महिलाओं के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता का इजहार किया। इससे कुल लाभार्थियों की संख्या 70.92 लाख हो गई है।
सरकार इस योजना के दायरे में एक करोड़ महिलाओं को लाने के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रही है, जिसमें पंजीकरण में मदद करने वाली 1.38 लाख ‘सत्कार सखियों’ को मान-भत्ते के रूप में 51 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं और आंगनवाड़ी वर्करों को भी 25 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।
इस मौके की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘एक्स’ पर लिखा: “बाबा बकाला साहिब से रक्खड़ पुन्निया के पवित्र दिन पर समूचे पंजाबियों को लाख-लाख बधाई। रखड़ी पर बहनों से किए वादे को पूरा करते हुए आज ‘सत्कार योजना’ के तहत 5.30 लाख महिलाओं के खातों में 181.50 करोड़ रुपए ‘शगुन’ के रूप में भेजे गए हैं। अब तक कुल 70.92 लाख मां-बहनें इस योजना का लाभ ले चुकी हैं। 90 प्रतिशत घरों के बिजली बिल शून्य आने, खेतों तक नहर का पानी पहुंचाने, 70,840 युवाओं को नौकरियां मिलने और सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों द्वारा नीट की परीक्षा पास करने से पंजाब एक बार फिर तरक्की के रास्ते पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है और नंबर एक राज्य बनकर उभर रहा है।”
रक्खड़ पुन्निया के समारोह के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आजकल के कई ‘मसंद’ धर्म की आड़ में लोगों को गुमराह करने के लिए इस मौके पर रैलियां कर रहे हैं। ये अपराधी लोग पंजाबियों को मूर्ख बनाने के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन पंजाबी उनकी बातों में नहीं आएंगे। ये आज के मसंद हमले के बाद अपने जख्म दिखाकर लोगों से हमदर्दी लेने की कोशिश करके निचले स्तर पर गिर रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “राज्य के समझदार लोगों ने उन नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया है जो अपने सत्ता के दिनों में महलों में रहते थे और कभी आम लोगों की परवाह नहीं की। 25 साल राज करने का दावा करने वालों को लोगों ने राजनीतिक गुमनामी में भेज दिया है और अब उन्हें समिति बनाने के लिए 25 सदस्य भी नहीं मिल रहे। राज्य के समझदार और बहादुर लोगों ने ऐसे अहंकारी नेताओं को उनके बुरे कामों का मुंह तोड़ जवाब दिया है।”
अकाली दल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अपने लंबे कुशासन के दौरान अकालियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने, इस घिनौने अपराध के दोषियों को बचाने और निर्दोष लोगों पर गोलीबारी करवाने का पाप किया। अकालियों ने पंजाबियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने और कई माफियाओं को संरक्षण देने के अलावा राज्य को बेरहमी से लूटा। अकालियों को पड़ी हर वोट बेअदबी के हक में फतवा होगी। अकाली लीडरशिप को कभी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि वे राज्य की कई पीढ़ियों के बर्बाद होने के लिए जिम्मेदार हैं और उनके राज में नशे के व्यापार को संरक्षण मिला।”
अकाली दल पर तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा, “अगर प्रधानमंत्री अकाली नेताओं का हाल-चाल पूछने के लिए फोन भी कर लें तो वे पंजाब को लूटने के लिए दिल्ली से गठजोड़ करने के सपने देखने लग जाते हैं। यह सच है कि अकाली नेताओं को हमेशा पंजाब या पंजाबियों से ज्यादा अपने हितों की चिंता होती है, जबकि आम आदमी पार्टी सिर्फ पंजाब के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने कहा, “सत्ता की भूख मिटाने के लिए अकाली दल अब भाजपा से गठजोड़ के लिए तरले मार रहा है, जिसके हाथ 700 से ज्यादा उन किसानों के खून से रंगे हुए हैं जो काले कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान शहीद हुए थे। अकाली-भाजपा गठजोड़ बिना किसी विचारधारा या बिना लोक कल्याण के है और इसका एकमात्र मकसद राज्य में सत्ता हासिल करना है। लोग इन पार्टियों के गुमराह करने वाले दावों में नहीं आएंगे और आने वाले दिनों में इन्हें सबक सिखाएंगे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भाजपा देश के किसी भी राज्य में जीत सकती है लेकिन इसे महान गुरु साहिबान, संत-महापुरुषों, पीर-पैगंबरों और शहीदों की इस धरती से जीतने का सपना कभी नहीं देखना चाहिए। राज्य के लोग भाजपा के दोहरे चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं और वे इसे सबक जरूर सिखाएंगे। पंजाबी कभी नहीं भूल सकते कि काले कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भाजपा द्वारा राज्य के अन्नदाताओं का कैसे अपमान किया गया था। भाजपा द्वारा राज्य और इसके लोगों के साथ किए अन्याय और सौतेली मां वाले व्यवहार की लंबी कहानी है।”
उन्होंने कहा, “भाजपा राज्य को पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़, भाखड़ा डैम, नदी के पानी और इसके हर जायज हक से वंचित करना चाहती है। उन्होंने आगे कहा कि इन लोगों ने पंजाब के विकास को पटरी से उतारने के लिए राज्य की ग्रांटों का बनता बड़ा हिस्सा रोक रखा है। उन्होंने कहा कि भाजपा को राज्य में से एक भी सीट नहीं मिलेगी क्योंकि लोग उन्हें उपयुक्त सबक सिखाने के लिए तैयार बैठे हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हवा में महल बनाने की बजाय भाजपा लीडरशिप को यह वहम निकाल देना चाहिए कि वे कभी पंजाब की सत्ता पर काबिज हो जाएंगे क्योंकि राज्य और इसके लोगों के खिलाफ उनके अपराध बिल्कुल भी माफ करने योग्य नहीं हैं। भाजपा किस मुंह से पंजाब में पैर रखेगी, वह भी तब, जब इसके आगुओं ने कभी भी राज्य और इसके लोगों के मुद्दे नहीं उठाए? राज्य के निडर और समझदार लोग भाजपा को उनके अपराधों के लिए कभी माफ नहीं करेंगे और यही लोग पंजाब से भाजपा का राजनीतिक तौर पर नामो-निशान मिटा देंगे।”