जालंधर/सोमनाथ कैंथः आज़ादी के बाद अभी Punjab के टुकड़े नहीं हुए थे और पंजाब संयुक्त था। 1957 में हुए पंजाब विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की तरफ से 154 उम्मीदवार को चुनाव में उतारा गया था और 120 उम्मीवार चुनाव जीते थे। कुल सीटें 121 थीं और कुछ सीटों पर कांग्रेस पार्टी की तरफ से दो-दो उम्मीवार चुनाव लड़े थे।
कांग्रेस के चुनावी इतिहास पर कांग्रेस के सीनियर एवं टकसाली नेता सुरिंदर चौधरी ने जानकारी सांझा करते हुए बताया कि कांग्रेस हमेशा एक संगठित एवं अनुशासन वाली पार्टी रही है। चुनाव चाहे आम चुनाव हों या विधानसभा चुनाव छोटे-मोटे मतभेदों को भुला दिया जाए तो हर चुनाव में कांग्रेस ने एकजुटता का प्रमाण दिया है और विरोधी पार्टियों को चारों खाने चित कर जीत का झंडा बुलंद किया।
सुरिंदर चौधरी ने बताया कि समय की परिस्थितियों के मुताबिक भाषा के आधार पर Punjab बाद में तीन हिस्सों में बंट गया। 1957 के चुनाव के समय पंजाब संयुक्त पंजाब कहलाता था। इन चुनावों में कांग्रेस ने आज तक के पंजाब विधानसभा चुनाव की सबसे बड़ी ऐतिहासिक जीत हासिल की थी।
चुनावी परिदृश्य
कुल उम्मीदवार- 660
कुल सीटें-121
जनरल-88
आरक्षित-33
कुल मतदाता 13172945
कुल वोट पड़े-7603890
वोट प्रतिशत 57.72%
चुनावी लड़ी पार्टियां
मुख्य तौर पर चार राष्ट्रीय पार्टियां आल इंडिया भारतीय जन संघ, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, इंडियन नेशनल कांग्रेस और प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के अलावा, प्रादेशिक पार्टी एससीएफ(आल इंडिया शेड्यूल कास्ट फेडरेशन) चुनाव में उतरी थी।
विधानसभा सीट और उस पर विजयी रहे उम्मीदवार पार्टी सहित
- नूरपुर से राम चंद्र(कांग्रेस)
- डेरा गोपीपुर से मेहर सिंह(कांग्रेस)
- धर्मशाला से हरि राम(कांग्रेस)
- कांगड़ा से अमर नाथ(कांग्रेस)
- पालमपुर से प्रताप सिंह(कांग्रेस)
- कुल्लू(एसटी) से रघबीर सिंह और जीत राम(कांग्रेस)
- हमीरपुर(एसटी) से सरला देवी, रूप सिंह- आजाद
- रूपड़(साधु सिंह-आजाद)
- चंडीगढ़ से निरंजन सिंह(कांग्रेस)
- शिमला से मुनी ला(पीएसपी)
- नरायणगढ़(एसटी) से साधु राम, रोशन लाल(दोनों कांग्रेस )
- सिढौरा से देव दत्त(कांग्रेस)
- जगादरी(एसटी) से अमरनाथ विद्यालंकार और राम प्रकाश(दोनों कांग्रेस)
- अंबाला से कंटोनमेंट से देवराज(कांग्रेस)
- अंबाला सिटी से अब्दुल गुफार खान(कांग्रेस)
- थानेसर(एसटी) से रण सिंह, बनारसी दास(कांग्रेस)
- पेहोवा से जगदीश चंद(कांग्रेस)
- पूंडरी से भाग सिंह(एससीएफ)
- राजौंद से बारू राम(एससीएफ)
- बुटाना से चंबेल सिंह(कांग्रेस)
- करनाल से राम प्यारा(कांग्रेस)
- घरौंडा से मुल्तान सिंह(कांग्रेस)
- पानीपत से परमानंद(कांग्रेस)
- संभालका से धर्म सिंह(आजाद)
- कैथल से ओमप्रभा जैन(कांग्रेस)
- जींद(एसटी) से इंद्र सिंह(एससीएफ), भल्ला राम(दोनों एससीएफ)
- सफीदों से श्रीकृष्ण(कांग्रेस)
- गनौर से लहरी सिंह(कांग्रेस)
- सोनीपत से श्रीराम(कांग्रेस)
- गोहाना से भरत सिंह और छज्जू राम(दोनों आजाद)
- कलानौर से नाहनू राम(कांग्रेस)
- रोहतक से मंगलसेन(बीजेएस)
- सांपला से सूरजभान(आजाद)
- राय से हुकम सिंह(सीपाई)
- बहादुरगढ़ सिरी चंद(कांग्रेस)
- झज्जर(एसटी) से शेर सिंह(कांग्रेस), फूल सिंह(सीपीआई)
- फिरोजपुर झीरका से मोहम्मद यासीन खान(कांग्रेस)
- हसनपुर से सुमेर सिंह(कांग्रेस)
- पलवल(एसटी) भुल्ले राम, गुरदत्त(कांग्रेस)
- नूह से अब्दुल घनी(कांग्रेस)
- गुड़गांव से गजराज सिंह(कांग्रेस)
- पटौदी से मोहन लाल(कांग्रेस)
- रेवाड़ी से सुमित्रा देवी(कांग्रेस)
- जतुसाना से अभय सिंह(कांग्रेस)
- नारनौल से देवकी नंदन(बीजेएस)
- महेंद्रगढ़ से निहाल सिंह(कांग्रेस)
- दादरी(एसटी) से सीस राम, अतर सिंह(दोनों बीजेएस)
- हांसी(एसटी) से दलबीर सिंह और सरूप सिंह(कांग्रेस)
- भिवानी से राम कंवर(कांग्रेस)
- तोशाम से चंद्रभान(आजाद)
- हिसार सदर से स्नेह लता(कांग्रेस)
- हिसार सिटी से बलवंत राय(कांग्रेस)
- टोहाना से सूरज मल्ल(कांग्रेस)
- फतेहाबाद से मनी राम(कांग्रेस)
- सिरसा(एसटी) से राम दयाल(आजाद) केसर राम(कांग्रस)
- अबोहर से साहीराम(बीजेएस)
- फाजिल्का से राधा कृष्ण(कांग्रेस)
- मलोट(एसटी) से प्रकाश सिंह, तेजा सिंह(दोनों कांग्रेस)
- गुरु हरसहाय से बख्तावर सिंह(कांग्रेस)
- मुक्तसर से हरचरण सिंह(कांग्रेस)
- फिरोजपुर से कुंदन लाल(कांग्रेस)
- जीरा(सिटी) से जसवंत कौर, गुरदित्त सिंह(दोनों कांग्रेस)
- मोगा से जगराज सिंह(कांग्रेस)
- बाघापुराना(एसटी) से सोहन सिंह(कांग्रेस)
- पट्टी से नरैण सिंह(कांग्रेस)
- सिरहाली से प्रताप सिंह(कांग्रेस)
- तरन तारन(एसटी) गुरदयाल सिंह ढिल्लों, नरंजन सिंह (कांग्रेस)
- खालड़ा से गुरवरियाम सिंह(आजाद)
- अजनाला से अच्छर सिंह(सीपीआई)
- मजीठा से प्रकाश कौर(कांग्रेस)
- अमृतसर सिटी ईस्ट से बलदेव प्रकाश(बीजेएस)
- अमृतसर सिटी वेस्ट से बलराम सिंह(बीजेएस)
- अमृतसर सिटी सिविल लाईन्स से सरूप सिंह(कांग्रेस)
- अमृतसर सदर(एसटी) वरियाम सिंह, चरण सिंह(कांग्रेस)
- ब्यास से सोहन सिंह(कांग्रेस)
- श्री गोबिंदपुर से गुरबचन सिंह(कांग्रेस)
- बटाला से गोरख नाथ(कांग्रेस)
- फतेहगढ़ से जोगिंदर सिंह(कांग्रेस)
- डेरा बाबा नानक से वरियाम सिंह(कांग्रेस)
- धारीवाल से हरबंस सिंह(कांग्रेस)
- गुरदासपुर(एसटी) प्रबोध चंद्र(कांग्रेस)
- पठानकोट से भगीरथ लाल(कांग्रेस)
- अनंदपुर से बालू राम(कांग्रेस)
- ऊना से राम किशन(सीपीआई)
- अंब से कृष्णा(कांग्रेस)
- गढ़शंकर(एसटी) से दसौंदा सिंह(कांग्रेस), भाग सिंह(सीपाई)
- होशियारपुर(एसटी) से बलबीर सिंह(आजाद), कर्म चंद(एससीएफ)
- दसूहा से करतार सिंह(कांग्रेस)
- मुकेरियां(एसटी) से गुरां दास और रल्ला राम(दोनों कांग्रेस)
- कपूरथला से हरनाम सिंह(कांग्रेस)
- सुल्तानपुर से आत्मा सिंह(कांग्रेस)
- करतारपुर(एसटी) गुरबंता सिंह, कर्म सिंह(दोनों कांग्रेस)
- जालंधर सिटी नॉर्थ ईस्ट से लाल चंद(बीजेएस)
- जालंधर सिटी साउथ वेस्ट से जगत नरायण(आजाद)
- नकोदर(एसटी) उमराव सिंह, संत राम(कांग्रेस)
- नूरमहल से दरबारा सिंह(कांग्रेस)
- फिल्लौर से ऊधम सिंह(कांग्रेस)
- फगवाड़ा से हंसराज(कांग्रेस)
- नवांशहर(एसटी) से जगत राम और हरगुरंद सिंह(कांग्रेस)
- समराला(एसटी) से जागीर सिंह और अजमेर सिंह(कांग्रेस)
- लुधियाना सिटी से लाजपत राय(बीजेएस)
- लुधियाना नॉर्थ से हरभगवान(कांग्रेस)
- लुधियाना साउथ से रामदयाल सिंह(कांग्रेस)
- रायकोट(एसटी) से वजीर सिंह और भाग सिंह(कांग्रेस)
- जगराओं से हरप्रकाश कौर(कांग्रेस)
- सरहिंद(एसटी) मीहां सिंह और ज्ञान सिंह(कांग्रेस)
- नाभा से बलवंत सिंह(कांग्रेस)
- राजपुरा से प्रेम सिंह प्रेम(कांग्रेस)
- पटियाला से सुरिंदर सिंह(कांग्रेस)
- सामाना(एसटी) से भुपिंदर सिंह और हरचरण सिंह(कांग्रेस)
- मालेरकोटला से चंदा सिंह(कांग्रेस)
- धूरी(एसटी) से जसदेव सिंह(कांग्रेस) और जंगीर सिंह(सीपीआई)
- बरनाला से करतार सिंह(कांग्रेस)
- संगरूर से राजेंद्र सिंह(कांग्रेस)
- सुनाम(एसटी) से महेशइंद्र सिंह(आजाद), प्रीतम सिंह(कांग्रेस)
- फूल से राम नाथ(कांग्रेस)
- फरीदकोट से मेहर सिंह(कांग्रेस)
- जैतो से जगदीश कौर(आजाद)
- बठिंडा से हरबंस लाल(कांग्रेस)
- पक्का कलां(एसटी) से धन्ना सिंह और इंद्र सिंह(कांग्रेस)
- मानसा(एसटी) से किरपाल सिंह और हरचरण सिंह(कांग्रेस)।
नोट-सारा डाटा आईसीआई से लिया गया है। डाटा लिखते समय पूरी तरह सावधानी बरती गई है, फिर भी विधानसभा हलके का नाम, उम्मीदवार और पार्टी का नाम लिखते समय कोई त्रुटि रह गई हो तो खेद है।