छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की स्पेशल कोर्ट ने आज 9 साल पुराने Jhiram Ghati में कांग्रेसी नेताओं के नरसंहार के सभी 10 दोषियों को मौत की सज़ा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत ने यह फ़ैसला सुनाया। दोषियों को हाईकोर्ट में इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है।
बता दें कि 25 मई, 2013 को छत्तीसगढ़ के बस्तर ज़िले के दरभा पुलिस स्टेशन इलाके में झीरम घाटी में माओवादी के नक्सली विद्रोहियों ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेताओं के काफिले पर हमला कर दिया था। हमला तब हुआ जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता राज्य में परिवर्तन यात्रा निकाल रहे थे , जिसमें लगभग 200 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को ले जा रहे 25 वाहनों का काफिला शामिल था
इस हमले में पूर्व राज्य मंत्री महेंद्र कर्मा और छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल सहित कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विद्या चरण शुक्ला ने 11 जून 2013 को अपनी चोटों के कारण दम तोड़ दिया था।
NIA ने इस मामले में 150 से ज़्यादा लोगों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की थी। 11 माओवादियों को गिरफ़्तार किया गया था। ट्रायल के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई। बाकी 10 आरोपियों को NIA की स्पेशल कोर्ट ने 5 सितंबर को दोषी ठहराया था। आज सभी दस दोषियों को मौत की सज़ा सुनाई गई।