
Dhillon Brothers Suicide Case में कोर्ट का फैसला आया है। कपूरथला की एडिशनल सेशंस जज गुरमीत टिवाना की अदालत ने 2023 के Dhillon Brothers Suicide Case में तीन पुलिसकर्मियों को डिस्चार्ज कर दिया है। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों से आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध साबित नहीं होता है।
अदालत के आए इस फैसले से तत्कालीन पुलिस अधिकारी एसएचओ नवदीप सिंह और एएसआई बलविंदर कुमार तथा महिला कॉन्स्टेबल जगजीत कौर को बड़ी राहत मिली।
यह मामला FIR नंबर 52 से जुड़ा है, जो 3 सितंबर 2023 को तलवंडी चौधरियां पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 306, 506 और 34 के तहत दर्ज की गई थी। आरोपियों ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 250 के तहत आवेदन देकर मामले से बरी किए जाने की मांग की थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 16 अगस्त 2023 को मानवजीत सिंह ढिल्लों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई थी। इसके बाद, उनके भाई जशनबीर सिंह ढिल्लों कथित तौर पर मानसिक रूप से परेशान हो गए और 17 अगस्त को ब्यास नदी में कूद गए।
अभियोजन पक्ष का आरोप था कि जशनबीर ने अपने भाई के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से परेशान होकर यह कदम उठाया था। बाद में ब्यास नदी से एक शव बरामद किया गया। कपड़ों, जूतों, बेल्ट और अन्य सामान के आधार पर उसकी पहचान जशनबीर के रूप में की गई।
जांच के दौरान DNA सैंपल भी लिए गए थे। हालांकि, कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, सैंपल की खराब हालत के कारण DNA जांच का कोई नतीजा नहीं निकल सका। FSL रिपोर्ट में मौत का कारण डूबने से दम घुटना बताया गया। जांच पूरी करने के बाद, पुलिस ने CrPC की धारा 173 के तहत कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल की।