पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष Pargat Singh से अब तक नहीं मिले राहुल गांधी: अमन अरोड़ा

संगरूर : कैबिनेट मंत्री और आप पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने जहां पंजाब कांग्रेस  के नवनियुक्त अध्यक्ष Pargat Singh को बधाई दी वहीं उन्होंने कहा कि परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त हुए चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन राहुल गांधी ने अब तक उन्हें मिलने का समय नहीं दिया है। उन्होंने कहा, “परगट सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के परिवार और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अंबिका सोनी से शिष्टाचार भेंट की है, लेकिन जब अपनी ही पार्टी की प्रदेश इकाई के नवनियुक्त अध्यक्ष को केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात का समय नहीं मिलता, तो यह पंजाब के प्रति कांग्रेस हाईकमान के रवैये पर सवाल खड़े करता है।”

अमन अरोड़ा ने कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी और उसके हाईकमान के फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी ने पंजाब में अपने कार्यकर्ताओं की भावनाओं की अनदेखी करके विभिन्न गुटों के बीच समझौतों पर आधारित नेतृत्व थोपा है। इससे जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ता निराश हैं और उनका पार्टी नेतृत्व से मोहभंग हो रहा है।
परगट सिंह को शुभकामनाएं देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि परगट सिंह को अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी, ओलंपियन, पूर्व पुलिस अधिकारी और तीन बार के विधायक बताते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि खेल के मैदान में टीम का नेतृत्व करने का अनुभव रखने वाले व्यक्ति को अब पंजाब में कांग्रेस का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा, “परगट सिंह ने हॉकी के मैदान में टीम का नेतृत्व किया है और अब उन्हें पंजाब में कांग्रेस का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गई है। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। हालांकि, उनकी नियुक्ति के बाद के घटनाक्रम कांग्रेस की आंतरिक अस्थिरता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।”

Advertisement Space

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का उल्लेख करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा, “अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मुश्किल समय में कांग्रेस की कमान संभाली और साढ़े चार साल तक पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम किया लेकिन भूपेश बघेल की जगह कांग्रेस के पंजाब प्रभारी बने सचिन पायलट ने पंजाब के महज दो घंटे के दौरे के दौरान ही उन्हें हटाने का फैसला कर लिया।”
संगरूर और मालवा क्षेत्र के प्रतिनिधित्व के बारे में बात करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा, “भले ही विजय इंदर सिंगला विपक्षी पार्टी से संबंधित हैं, फिर भी संगरूर और मालवा के लोगों को उम्मीद थी कि उनके क्षेत्र के किसी नेता को प्रदेश इकाई का नेतृत्व करने का अवसर दिया जाएगा। उनके नाम की लंबे समय से चर्चा चल रही थी और अंतिम समय में उनकी अनदेखी करना संगरूर और मालवा के लोगों की उम्मीदों के साथ विश्वासघात करने के बराबर है।”

उन्होंने कहा कि केवल अगले कुछ महीने निकालने के उद्देश्य से दो गुटों के बीच किया गया अस्थायी समझौता किसी राजनीतिक पार्टी को स्पष्ट दिशा नहीं दे सकता। उन्होंने कहा, “नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद जिस उत्साह की उम्मीद थी, उसकी जगह कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खामोशी छाई हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बेटे की सोशल मीडिया पोस्ट और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के अपने परिवार के साथ लंदन जाने की खबरें दर्शाती हैं कि कांग्रेस का आंतरिक कलह अब सार्वजनिक हो रहा है।”

Advertisement Space

Leave a Comment