
ईरान पर अमरीका-इजरायल की संयुक्त कार्रवाई के दौरान ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हमले में मौत के बाद ईरानी अधिकारी ने मुंहतोड़ जवाब देने और अमरीका और इजरायल से बदला लेने की बात कही है। इस पर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा, “ईरान ने अभी कहा है कि वे आज बहुत जोरदार हमला करने वाले हैं, जितना उन्होंने पहले कभी नहीं किया। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि अगर उन्होंने ऐसा किया, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखी गई।
वहीं ईरान-अमरीका-इजरायल के बीच संघर्ष के चलते मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। इस तनाव से मिडिल ईस्ट का स्वरूप बदलने का खतरा है। ट्रम्प ने कहा कि यह अभियान ईरानी जनता के लिए अपने देश को वापस लेने का सबसे बड़ा अवसर है, जबकि ईरान ने कहा है कि वह एक बड़ा हमला करेगा।
अमरीका और इजरायल ने ईरान पर दूसरे दिन भी एयरस्ट्राइक जारी रखे, जबकि ईरान की ओर से इजरायल और मिडिल ईस्ट के 9 देशों में मौजूद अमरीकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी एयर स्ट्राइक की जा रही है।
ईरान पर हमले का भारत पर भी असर
ईरान पर हमले का असर भारत पर भी पड़ा दिखाई दिया है डीजीसीए के मुताबिक ईरान और कई मिडिल-ईस्ट देशों में हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण बड़े पैमाने पर व्यवधान के बाद 1 मार्च को 444 उड़ानें रद्द होने की आशंका है। हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण 28 फरवरी को घरेलू एयरलाइंस की 410 उड़ानें रद्द कर दी गई थीं।
डीजीसीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि “संभावित मार्ग परिवर्तन को प्रबंधित करने और यात्रियों की निर्बाध सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख हवाई अड्डे परिचालन अलर्ट पर हैं।”
उन्होंने कहा कि यात्री सहायता, एयरलाइन समन्वय और टर्मिनल पर भीड़ प्रबंधन की बारीकी से निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर तैनात किया गया है।