महिलाओं को 1000 रुपये देने के फैसले से नाराज़ होकर विपक्ष बजट पर चर्चा से भागा : भगवंत सिंह मान


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चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि विपक्षी दलों ने बजट पर चर्चा में हिस्सा इसलिए नहीं लिया क्योंकि वे महिलाओं को 1,000 रुपये देने के ऐतिहासिक फैसले का सामना करने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि दशकों तक लोगों को गरीबी में धकेलने वाली पार्टियां अब आम आदमी पार्टी की सरकार के तहत आम परिवारों के सशक्तिकरण से घबरा गई हैं।

पंजाब सरकार के पांचवें वार्षिक बजट को “शहीदों के सपनों का बजट” बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य शहीद भगत सिंह और शहीद उधम सिंह जैसे महान शहीदों के सपनों को पूरा करना है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार ने चार साल के भीतर अपनी सभी चुनावी गारंटियां पूरी कर दी हैं और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अपना एजेंडा तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले से जानता है कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार 2027 में फिर सत्ता में आएगी, इसलिए उन्होंने बहस से भागना ही बेहतर समझा।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने चार वर्षों में अपनी सभी चुनावी गारंटियां पूरी की हैं। पहले की सरकारों के घोषणापत्र केवल औपचारिकता होते थे, लेकिन हमने बजट को पवित्र दस्तावेज मानते हुए जनता से किया हर वादा पूरा किया है।”

जन-हितैषी बजट पेश करने के लिये वित्त मंत्री को बधाई देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट उन लोगों को सुविधाएं देने के लिए तैयार किया गया है जिनकी प्रगति में आर्थिक कमजोरी बाधा बनती रही है। उन्होंने बताया कि बजट में 97 प्रतिशत महिलाओं को मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सम्मान योजना का लाभ देने, 40 लाख परिवारों को मेरी रसोई योजना के तहत मुफ्त राशन देने और 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही महिलाओं को 1000-1500 रुपये देने की घोषणा हुई, विपक्षी पार्टियां घबरा गईं और सदन से बहिष्कार कर चली गईं।

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य के लोगों को बेहतर सुविधाएँ देने और युवाओं को यहीं रहकर डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने के लिए पंजाब में 7 मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये कॉलेज होशियारपुर, कपूरथला, संगरूर, शहीद भगत सिंह नगर, लहरागागा, मलेरकोटला और लुधियाना में बनाए जाएंगे और इनके बनने से एमबीबीएस की 600 सीटें बढ़ जाएंगी। उन्होंने कहा कि 881 आम आदमी क्लीनिकों में 5 करोड़ ओपीडी एंट्री दर्ज की गई हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों के भरोसे को दर्शाती हैं।

‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ का मजाक उड़ाने वालों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी पार्टियों के धनी नेता जानबूझकर गरीब लोगों का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक पार्टियों ने गरीबों की भलाई के लिए कभी कोई काम नहीं किया, जिसके कारण आज भी कई परिवार गरीबी में जीवन बिताने को मजबूर हैं और उन्हें दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नेताओं को गरीबों की आर्थिक आज़ादी से तकलीफ हो रही है। उन्होंने कहा कि ये नेता अपने बच्चों को पहाड़ों के कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ाते हैं, लेकिन गरीब लोगों को अनपढ़ रखना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने स्कूल ऑफ एमिनेंस की शुरुआत की, जिससे पिछड़े परिवारों के बच्चे जेईई, जेईई मेन्स और नीट जैसी परीक्षाएं पास कर रहे हैं।

 

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