
Bastar संभाग के एक प्रतिनिधिमंडल ने, जिसमें बस्तर पंडुम 2026 के विजेतागण तथा बस्तर के परगना मांझी और चालकी शामिल थे, आज (30 जुलाई, 2026) राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। इस अवसर पर केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अलावा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि बस्तर पंडुम केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है; बल्कि यह Bastar की गौरवशाली परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान का उत्सव है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों मंचों पर बस्तर की वास्तविक पहचान स्थापित करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि Bastar पंडुम जैसे आयोजनों ने युवाओं को अपनी परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत से पुनः जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। ऐसे कार्यक्रम पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं और रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करते हैं।
राष्ट्रपति को यह जानकर प्रसन्नता हुई कि सरकार के प्रयासों और बस्तर के लोगों की सक्रिय भागीदारी से आज बस्तर क्षेत्र विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोग हिंसा के वातावरण से निकलकर शिक्षा, रोजगार और विकास के नए अवसरों से जुड़ रहे हैं। यह परिवर्तन बस्तर के उज्ज्वल भविष्य का शुभ संकेत है। दूर-दराज के गांवों तक सड़क, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाएं पहुंच रही हैं। लंबे समय तक बंद रहे विद्यालयों में फिर से बच्चों की चहल-पहल दिखाई दे रही है और शिक्षा का प्रकाश घर-घर तक पहुंच रहा है। आज बस्तर में आशा, विश्वास और प्रगति का एक नया वातावरण निर्मित हो रहा है। यह परिवर्तन पूरे देश के लिए प्रसन्नता और गर्व का विषय है।
