
नाभा(पटियाला)/चंडीगढ: डॉ. बी. आर. अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। नाभा शहर में भी विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर उनकी महान विरासत को याद किया गया।
पटियाला गेट स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर फूलों की मालाएं अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। इस अवसर पर परमजीत सिंह कैंथ, राज्य उपाध्यक्ष, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा, पंजाब ने डॉ. अंबेडकर के जीवन और सामाजिक सुधार के लिए उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए गहरा सम्मान व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं और आधुनिक सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। उन्होंने बताया कि डॉ. अंबेडकर केवल भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार ही नहीं थे, बल्कि एक महान समाज सुधारक, अर्थशास्त्री और विधिवेत्ता भी थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया।
कैंथ ने आगे कहा कि बाबा साहेब ने शिक्षा, संगठन और संघर्ष को सशक्तिकरण के तीन मूल मंत्र के रूप में स्थापित किया और हमेशा गरीबों एवं पीड़ितों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई।
उन्होंने जानकारी दी कि मैंहस सेंचुरी के पास “बाबा साहेब अंबेडकर लेबर चौक” बनाने की योजना है, जिससे दिहाड़ी मजदूरों की समस्याओं का समाधान होगा। उन्होंने लोगों से बाबा साहेब के आदर्शों को अपनाने और समानता, न्यय तथा बंधुत्व पर आधारित समाज के निर्माण के लिए मिलकर काम करने की अपील की।