क्या बंद होने जा रही एससी/एसटी स्कॉलरशिप, सरकार ने लोकसभा में कहा

नई दिल्लीः अक्सर जब शिक्षण संस्थानों में दाखिले होते हैं तो एससी/एसटी छात्रों को फीस जमा करवाने के लिए कहा जाता है। सरकार की ओर से छात्रों के खातों में सीधे स्कॉलरशिप जमा करवाए जाने के कारण शिक्षण संस्थानों की तरफ से दाखिले के समय फीस जमा करवाए जाने की मांग की जाती है। वहीं छात्रों के बीच यह प्रचार हो जाता है कि एससी/एसटी स्कॉलरशिप बंद हो जाएगी।

ऐसे ही एक प्रश्न का उत्तर लोकसभा में देते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि एससी/एसटी स्टूडेंट्स को मिलने वाली पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य उच्च शिक्षा में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के स्टूडेंट्स के सकल नामांकन अनुपात (जीआईआर) को बढ़ाना है तथा योजना को समाप्त करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

राज्य मंत्री आठवले ने बताया कि इसे वर्तमान में मंत्रिमंडल और व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित वित्त पोषण एवं पात्रता मापदंडों के साथ कार्यान्वित किया जा रहा है, जो वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक वैध रहेगी। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के स्टूडेंट्स के लिए केंद्र-राज्य वित्तपोषण अलग-अलग हैं।
अनुसूचित जाति के स्टूडेंट्स के लिए केंद्र और राज्यों के बीच लागत-साझाकरण अनुपात 60:40 है, जबकि पूर्वोत्तर राजों में यह अनुपात 90:10 है।

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