Baba Sodal Mela : राम नगर निवासियों को साथ लेकर गौरव बंगड़ मेयर वनीत धीर से मिले, खुला रहेगा बंद फाटक

जालंधर/राजेश विरदी : Baba Sodal Mela को मद्देनजर रखते हुए आज सुबह 24 सितंबर 2026 से 27 सितंबर 2026 तक चार दिन के लिए राम नगर फाटक को बंद कर दिया गया था। फाटक बंद किए जाने के कारण राम नगर और गांधी नगर निवासी एक बार फिर से कैद होकर रह गए थे।
राम नगर और गांधी नगर निवासियों की परेशानी के देखते हुए युवा नेता गौरव बंगड़ रॉयल क्लब के जनरल सेक्रेटरी सूरज विरदी, पार्षद पति चरणजीत बद्धन तथा अन्य मोहल्ला निवासियों को साथ लेकर मेयर वनीत धीर से मिले और उन्हें चार दिन तक के लिए बंद किए गए फाटक के कारण राम नगर निवासियों और गांधी नगर निवासियों के लिए हर साल की तरह पेश आई समस्या रखी और बंद फाटक को खुलवाए जाने की मांग की।

इस पर मेयर वनीत धीर द्वारा हस्तक्षेप कर जिला प्रशासन और रेलवे अधिकारियों के साथ बातचीत कर बंद फाटक को खुलवाया गया। मेयर वनीत धीर ने कहा कि वह मोहल्ला निवासियों की हर समस्या को लेकर गंभीर हैं और राम नगर और गांधी नगर निवासियों की समस्याओं के निराकरण के लिए उनके घर ऑफिस के दरवाजे हमेशा खुले हैं। युवा नेता गौरव बंगड़, सूरज विरदी और पार्षद पति चरणजीत बद्धन ने मेयर वनीत धीर का आभार जताया।

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उल्लेखनीय है कि बाबा सोढल मेले के दौरान चार दिन के लिए फाटक बंद हो जाने के कारण जिन लोगों को इंडस्ट्रीयल एरिया जाना होता था मजबूरीवश उनको बंद फाटक के नीचे से होकर या रेलवे लाइन क्रॉस कर तथा इसके अलावा गाजी गुल्ला की तरफ से होकर इंडस्ट्रीयल एरिया में जाना पड़ता था।

केडी भंडारी के दखल से गत वर्ष खोल दिया गया था फाटक
बता दें कि हर वर्ष की भांति जब गत वर्ष राम नगर फाटक को Baba Sodhal Mela के दौरान बंद किया गया था तो राम नगर और गांधी नगर निवासियों का रेलवे विभाग के खिलाफ आज गुस्सा फूट पड़ा था और मोह्लला निवासी राम नगर फाटक पर ट्रैक पर बैठ गए। नगर निवासियों के गुस्से को देखते हुए मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता केडी भंडारी ने मोहल्ला निवासियों की दिक्कतों को देखत हुए दखल देकर फाटक को फुलवा दिया था मेले के दौरान किसी भी तरह की कोई घटना नहीं हुई थी और लोग बड़े ही आराम से सोढल आ-जा रहे थे।
रायल क्लब राम नगर उठाती रहती है मुद्दे को
बता दें कि लोगों की परेशानी को देखते हुए हर साल रॉयल क्लब की ओर से रेलवे अधिकारियों, जिला प्रशासन और मंत्रियों, विधायकों और सांसदों के समक्ष यह मामला उठाया जाता है लेकिन हर साल रेलवे की ओर से रॉयल क्लब द्वारा लोगों की उठाई जाती समस्या को नजरअंदाज कर दिया जाता है।

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